Edited By Radhika,Updated: 08 Apr, 2026 02:40 PM

8वें वेतन आयोग की कर्मचारियों को काफी बेसब्री से इंतजार है। इसके चलते नेशनल काउंसिल (JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी ने 13 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 8वें वेतन आयोग को सौंपे जाने वाले अंतिम प्रस्ताव (Memorandum)...
8th pay Commission: 8वें वेतन आयोग की कर्मचारियों को काफी बेसब्री से इंतजार है। इसके चलते नेशनल काउंसिल (JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी ने 13 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 8वें वेतन आयोग को सौंपे जाने वाले अंतिम प्रस्ताव (Memorandum) को अंतिम रूप देना है।
क्या होगा मेमोरेंडम में खास?
ड्राफ्टिंग कमेटी अलग- अलग कर्मचारी संघों और पेंशनभोगियों के संगठनों से मिले सुझावों को इक्ट्ठा कर रही है। कमेटी एक ऐसा साझा मेमोरेंडम तैयार कर रही है जिसमें वेतन वृद्धि, भत्ते और पेंशन सुधारों से जुड़े सभी प्रमुख मुद्दों को शामिल किया जाएगा। इससे पहले 12 मार्च 2026 को भी एक हाई बैठक हुई थी, जिसमें विभिन्न संगठनों के फीडबैक पर चर्चा की गई थी। अब 13 अप्रैल की बैठक में इसे अंतिम रूप देकर आयोग को भेजने की तैयारी है।

वेतन आयोग की समय-सीमा और जिम्मेदारी
केंद्र सरकार ने पहले ही संसद में साफ किया था कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन अधिसूचित किया जा चुका है। 3 नवंबर 2025 के प्रस्ताव के अनुसार, आयोग को अपनी विस्तृत सिफारिशें पेश करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2027 की शुरुआत तक प्रभावी हो सकती हैं।
फिटमेंट फैक्टर पर टिकी निगाहें
कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। वर्तमान में कर्मचारी संगठन महंगाई के बढ़ते स्तर को देखते हुए फिटमेंट फैक्टर को 3.25 या उससे अधिक रखने की मांग कर रहे हैं। फिटमेंट फैक्टर ही वह गुणांक है जो यह तय करता है कि कर्मचारी की बेसिक सैलरी में कितनी वृद्धि होगी। यदि आयोग कर्मचारियों की मांग स्वीकार करता है, तो न्यूनतम वेतन और पेंशन में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।