Edited By Parveen Kumar,Updated: 07 Feb, 2026 08:57 PM

देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी हलचल की खबर है। लंबे समय से जिस फैसले का इंतजार किया जा रहा था, उसकी दिशा अब साफ होती दिख रही है। सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए इसकी आधिकारिक वेबसाइट...
नेशनल डेस्क : देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी हलचल की खबर है। लंबे समय से जिस फैसले का इंतजार किया जा रहा था, उसकी दिशा अब साफ होती दिख रही है। सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए इसकी आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है। खास बात यह है कि आयोग अब सिर्फ फाइलों और बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सीधे कर्मचारियों से पूछ रहा है- आप अपनी सैलरी और वेतन ढांचे में क्या बदलाव चाहते हैं?
अब आपकी राय सीधे दिल्ली तक पहुंचेगी
वेतन आयोग ने इस बार काम करने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। आयोग ने साफ कहा है कि वह सिर्फ मंत्रालयों और कर्मचारी संगठनों की ही नहीं, बल्कि हर आम कर्मचारी और पेंशनर की राय जानना चाहता है। इसके लिए MyGov पोर्टल को आधिकारिक माध्यम बनाया गया है। यानी अब किसी यूनियन के जरिए नहीं, बल्कि एक सामान्य कर्मचारी भी अपनी बात सीधे आयोग तक पहुंचा सकता है। चाहे आप नौकरी में हों, रिटायर हो चुके हों या किसी कर्मचारी संगठन से जुड़े हों- आप 8cpc.gov.in या MyGov प्लेटफॉर्म पर जाकर अपने सुझाव दर्ज कर सकते हैं।
18 सवाल, जिनसे तय होगी आपकी आने वाली सैलरी
8वें वेतन आयोग ने केवल सामान्य सुझाव नहीं मांगे हैं, बल्कि 18 अहम सवालों की एक विस्तृत प्रश्नावली तैयार की है। यही सवाल आने वाले वेतन ढांचे की बुनियाद बनेंगे। इनमें देश की आर्थिक स्थिति, महंगाई, सरकारी खर्च और कर्मचारियों की जरूरतों को लेकर गहरे सवाल शामिल हैं।
आयोग जानना चाहता है कि वेतन तय करते वक्त उसे किस सोच और नीति को आधार बनाना चाहिए। इसके साथ ही फिटमेंट फैक्टर- जो सैलरी बढ़ोतरी का सबसे अहम पैमाना माना जाता है- उसका उद्देश्य क्या होना चाहिए, इस पर भी कर्मचारियों से राय मांगी गई है।
यह भी पूछा गया है कि क्या सभी पे-लेवल के लिए वेतन बढ़ोतरी एक जैसी होनी चाहिए या अलग-अलग स्तरों के लिए अलग नियम हों। यहां तक कि सेक्रेटरी स्तर के शीर्ष अधिकारियों की सैलरी तय करने के मानकों पर भी सुझाव मांगे गए हैं।
अब न चिट्ठी, न ईमेल- सब कुछ ऑनलाइन
आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि इस बार कागज-कलम का दौर खत्म हो चुका है। कोई भी सुझाव न तो डाक से, न ईमेल से और न ही किसी ऑफलाइन तरीके से स्वीकार किया जाएगा। सभी इनपुट केवल MyGov पोर्टल के जरिए ही लिए जाएंगे।
हालांकि कर्मचारियों की चिंता को देखते हुए आयोग ने यह भरोसा भी दिया है कि सुझाव देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि कोई भी कर्मचारी बिना दबाव या डर के खुलकर अपनी बात रख सके।