Edited By Parveen Kumar,Updated: 09 Feb, 2026 07:22 PM

महाराष्ट्र के डोंबिवली स्थित खोणी-पलावा इलाके से एक बेहद परेशान करने वाली घटना सामने आई है। ऑर्किड सोसायटी परिसर में सोमवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब स्कूल के लिए निकली एक 7 साल की बच्ची पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। हालात इतने...
नेशनल डेस्क : महाराष्ट्र के डोंबिवली स्थित खोणी-पलावा इलाके से एक बेहद परेशान करने वाली घटना सामने आई है। ऑर्किड सोसायटी परिसर में सोमवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब स्कूल के लिए निकली एक 7 साल की बच्ची पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। हालात इतने गंभीर थे कि अगर समय रहते सुरक्षा गार्ड हस्तक्षेप नहीं करता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली स्वर दत्तात्रेय निकम रोज की तरह सुबह स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। जैसे ही वह सोसायटी के अंदरूनी रास्ते से गुजर रही थी, वहां पहले से मौजूद 10 से 15 आवारा कुत्तों ने अचानक उसे घेर लिया और पीछे से दौड़ पड़े। अचानक हुए हमले से बच्ची घबरा गई और जान बचाने के लिए भागने लगी, जिससे कुत्ते और उग्र हो गए।
डर के मारे बच्ची की चीख-पुकार सुनकर सोसायटी में तैनात सुरक्षा गार्ड तुरंत मौके पर पहुंचा। उसने लाठी की मदद से कुत्तों को भगाया और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि बच्ची को शारीरिक रूप से गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन वह इस घटना के बाद गहरे सदमे में है।
घटना के बाद ऑर्किड सोसायटी ही नहीं, बल्कि आसपास के पूरे इलाके में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पलावा जैसे विकसित और रिहायशी इलाके में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन प्रशासन इस पर आंखें मूंदे बैठा है।
सुरक्षा गार्ड विकास पांडे ने बताया कि सुबह करीब सात बजे वह ड्यूटी पर थे, तभी बच्ची की चीखें सुनाई दीं। बाहर देखा तो कई कुत्ते उसके पीछे दौड़ रहे थे। उन्होंने तुरंत दौड़कर बच्ची को बचाया और उसके परिजनों को सूचना दी। उनके मुताबिक, इस इलाके में पहले भी आवारा कुत्ते लोगों और वाहनों पर हमला कर चुके हैं।
समाजसेवक महेश ठोंबरे ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। आवारा कुत्तों को लेकर कई बार ग्राम पंचायत और जिला परिषद से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि अब कल्याण–डोंबिवली महानगरपालिका को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।
वहीं, सोसायटी के सुपरवाइज़र तानाजी कोलेकर ने दावा किया कि इलाके में करीब 100 से 150 आवारा कुत्ते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इन कुत्तों के लिए अलग और सुरक्षित व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में किसी मासूम की जान खतरे में न पड़े।