Edited By Rohini Oberoi,Updated: 04 Feb, 2026 09:18 AM

आधुनिक जीवनशैली, मोबाइल की लत और करियर की भागदौड़ ने हमें अपनी सेहत से दूर कर दिया है। आज हार्ट अटैक सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है बल्कि 25 से 40 साल के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। सबसे खतरनाक बात यह है कि हम हार्ट अटैक का मतलब सिर्फ...
Silent Heart Attack Symptoms : आधुनिक जीवनशैली, मोबाइल की लत और करियर की भागदौड़ ने हमें अपनी सेहत से दूर कर दिया है। आज हार्ट अटैक सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है बल्कि 25 से 40 साल के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। सबसे खतरनाक बात यह है कि हम हार्ट अटैक का मतलब सिर्फ सीने में तेज दर्द समझते हैं जबकि शरीर कई दिन पहले से ही दूसरे साइलेंट संकेत देने लगता है। कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों के अनुसार हार्ट अटैक अचानक नहीं आता हमारा शरीर हफ्तों पहले चेतावनी देता है जिसे हम अक्सर गैस या थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

हार्ट अटैक के 7 छिपे हुए लक्षण
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हल्की बेचैनी या दबाव: जरूरी नहीं कि दर्द तेज हो। सीने में भारीपन, जकड़न या जलन महसूस होना भी खतरे की घंटी है। यह दर्द गले, जबड़े या बाएं कंधे तक फैल सकता है।
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बिना मेहनत सांस फूलना: अगर जरा सा चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर आपकी सांस फूलने लगे तो समझ लें कि दिल को ऑक्सीजन पंप करने में दिक्कत हो रही है।
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अत्यधिक थकान: अगर छोटे-मोटे कामों में भी आप पस्त हो जाते हैं और आराम के बाद भी थकान नहीं जाती तो यह दिल की कमजोरी का संकेत है। महिलाओं में यह लक्षण सबसे ज्यादा दिखता है।
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अचानक ठंडा पसीना: बिना गर्मी या एक्सरसाइज के अचानक ठंडा पसीना आना हार्ट अटैक का शुरुआती लक्षण हो सकता है।
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चक्कर आना या बेहोशी: दिमाग तक खून और ऑक्सीजन की सही मात्रा न पहुंचने के कारण अचानक सिर घूमना या आंखों के आगे अंधेरा छाना गंभीर संकेत है।
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पेट की समस्या (गैस या अपच): अक्सर लोग इसे एसिडिटी समझकर टाल देते हैं लेकिन अगर बार-बार पेट के ऊपरी हिस्से में जलन या भारीपन हो तो यह 'इनफीरियर वॉल' हार्ट अटैक हो सकता है।
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नींद में घबराहट: रात को अचानक सांस फूलने से नींद खुल जाना या लगातार बेचैनी होना भी दिल की बीमारी की ओर इशारा करता है।

दिल को सुरक्षित रखने के गोल्डन रूल्स
30 की उम्र के बाद साल में कम से कम एक बार ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल का टेस्ट जरूर कराएं। रोजाना कम से कम 30 मिनट तेज चलें या कोई भी फिजिकल एक्टिविटी करें। मेडिटेशन करें और 7-8 घंटे की गहरी नींद लें। फास्ट फूड और अत्यधिक नमक/चीनी से बचें। फलों और हरी सब्जियों को डाइट में शामिल करें।