Edited By Ramanjot,Updated: 23 Jan, 2026 12:02 AM

महाराष्ट्र के अमरावती जिले की अचलपुर नगर परिषद में स्थानीय राजनीति ने एक नया और हैरान करने वाला मोड़ ले लिया है।
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र के अमरावती जिले की अचलपुर नगर परिषद में स्थानीय राजनीति ने एक नया और हैरान करने वाला मोड़ ले लिया है। यहां बीजेपी, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM और कांग्रेस ने आपसी सहमति से विभिन्न समितियों के अध्यक्ष पदों का निर्विरोध वितरण कर लिया है। यह गठजोड़ ऐसे वक्त सामने आया है, जब हाल के दिनों में बीजेपी पहले भी अकोट और अंबरनाथ जैसे नगर निकायों में कांग्रेस और AIMIM के साथ तालमेल कर चुकी है।
अचलपुर नगर परिषद: चुनावी गणित
हालिया नगर परिषद चुनाव में 41 सदस्यीय सदन का समीकरण इस प्रकार रहा—
- कांग्रेस – 15 सीटें
- बीजेपी – 9 सीटें
- AIMIM – 3 सीटें
- निर्दलीय – 10 सीटें
- प्रहार जनशक्ति पार्टी – 2 सीटें
- एनसीपी – 2 सीटें
किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के चलते गठजोड़ की राह आसान हुई।
किस पार्टी को मिली कौन-सी समिति
आपसी समझौते के तहत समितियों के अध्यक्ष पद इस तरह बांटे गए—
- शिक्षा एवं खेल समिति – AIMIM पार्षद
- जलापूर्ति समिति – कांग्रेस पार्षद
- महिला एवं बाल कल्याण समिति – बीजेपी पार्षद
तीनों पदों पर बिना किसी मुकाबले के चयन किया गया।
बीजेपी विधायक प्रवीण तयाडे ने जताई नाराजगी
अचलपुर से बीजेपी विधायक प्रवीण तयाडे ने इस राजनीतिक तालमेल पर खुलकर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें फैसले से पहले विश्वास में नहीं लिया गया। चुनाव के दौरान उन्हें केवल एक वार्ड की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। प्रवीण तयाडे ने स्पष्ट शब्दों में कहा,“मैं हिंदुत्व की विचारधारा से जुड़ा विधायक हूं और मेरी पार्टी भी उसी सोच पर काम करती है। मैं व्यक्तिगत रूप से ऐसे गठजोड़ का समर्थन नहीं कर सकता। हालांकि, पार्टी नेतृत्व जो भी निर्णय लेगा, हम उसे मानेंगे।”
राज्य में पहले भी दिख चुके हैं ऐसे प्रयोग
अकोट नगर परिषद में बीजेपी और AIMIM के बीच गठजोड़ हुआ था, जिसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की नाराजगी के बाद वापस लेना पड़ा।
अंबरनाथ नगर परिषद में शिवसेना को सत्ता से बाहर रखने के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने मिलकर काम किया। बाद में कांग्रेस ने अपने 12 पार्षदों को निलंबित कर दिया, जो आगे चलकर बीजेपी में शामिल हो गए।