Edited By Radhika,Updated: 02 Mar, 2026 05:36 PM

BJP के अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को कहा कि अगर उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती है, तो कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों को राज्य से बाहर निकालने के लिए असम के 'पहचानो (डिटेक्ट), नाम हटाओ (डिलीट) और वापस भेजो (डिपोर्ट)' मॉडल को अपनाएगी।
नेशनल डेस्क: BJP के अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को कहा कि अगर उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती है, तो कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों को राज्य से बाहर निकालने के लिए असम के 'पहचानो (डिटेक्ट), नाम हटाओ (डिलीट) और वापस भेजो (डिपोर्ट)' मॉडल को अपनाएगी। राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले माल्दा जिले के इस्लामपुर में भाजपा की परिवर्तन यात्रा की शुरुआत करते हुए नवीन ने एक रैली में यह घोषणा भी की कि भाजपा अगर राज्य की सत्ता में आई, तो इस्लामपुर का नाम बदलकर 'ईश्वरपुर' कर देगी। उन्होंने कहा, ''हमने हाल में बिहार में सरकार बनाई है।
असम में हम बांग्लादेशी घुसपैठियों को निकालने के लिए 'डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट' का मॉडल अपना रहे हैं। जहां भी ये विदेशी लोग हमारे अपने नागरिकों के अधिकारों को छीन रहे हैं, हम वहां इसे लागू करेंगे।'' राज्य में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में हाल में नाम हटाए जाने का जिक्र करते हुए नवीन ने दावा किया कि निर्वाचन आयोग ने बंगाल में ''50 लाख से अधिक बांग्लादेशी घुसपैठियों'' के मताधिकार पहले ही ले लिए हैं। उन्होंने कहा, ''अगर निर्वाचन आयोग 50 लाख से अधिक बांग्लादेशियों के नाम नहीं हटाता, तो बंगाल के लोगों के लिए केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ घुसपैठियों को मिलता।''

नवीन ने पूरे भाषण में उपस्थित लोगों को 'ईश्वरपुर के लोग' संबोधित करते हुए कहा, ''हम इस जगह का नाम बदलकर ईश्वरपुर करने के आपके सपने को पूरा करेंगे, क्योंकि यह राजबंशी सुधारक ठाकुर पंचानन बर्मा की, बंगाल के अंतिम हिंदू राजा लक्ष्मण सेन की और क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी पूर्ण चंद्र दास की भूमि रही है।''