Edited By Parveen Kumar,Updated: 05 Aug, 2026 06:58 PM

ब्रिटेन में 2029 के आम चुनाव से पहले मुस्लिम मतदाताओं का राजनीतिक प्रभाव बढ़ने की संभावना जताई गई है। मुस्लिम काउंसिल ऑफ ब्रिटेन (MCB) की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि 16 और 17 साल के युवाओं को मतदान का अधिकार देने का फैसला लागू होता है, तो करीब 49...
इंटरनेशनल डेस्क : लंदन में आने वाले 2029 के आम चुनावों में मुस्लिम मतदाताओं का राजीनितक प्रभाव देखने को मिल सकता है। मुस्लिम काउंसिल ऑफ ब्रिटेन (MCB) की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि 16 और 17 साल के युवाओं को मतदान का अधिकार दिया जाता है, तो करीब 49 अतिरिक्त संसदीय सीटों पर मुस्लिम वोट निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। एमसीबी की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन की 650 संसदीय सीटों में से करीब 30 सीटें ऐसी हैं, जहां मुस्लिम मतदाताओं का अच्छा प्रभाव है। इनमें तीन सीटों पर मुस्लिम वोटरों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक है। यदि 49 और सीटें इस श्रेणी में जुड़ती हैं, तो ऐसी सीटों की संख्या बढ़कर करीब 79 हो सकती है।
ब्रिटेन में 39 लाख से ज्यादा मुस्लिम आबादी
2021 की जनगणना के अनुसार, ब्रिटेन में 39 लाख से अधिक मुसलमान रहते हैं। बड़ी संख्या में मुस्लिम आबादी लंदन, बर्मिंघम, मैनचेस्टर और वेस्ट मिडलैंड्स जैसे क्षेत्रों में रहती है। लंदन के मेयर सादिक खान भी मुस्लिम समुदाय से हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन की मुस्लिम आबादी का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा 25 वर्ष से कम उम्र का है। 2011 से 2021 के बीच देश में मुस्लिम आबादी में करीब 12 लाख की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
कैसे बढ़ सकता है मुस्लिम वोटरों का प्रभाव?
रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि 16 और 17 साल के युवाओं को मतदान का अधिकार मिलता है, तो कई सीटों पर मुस्लिम वोटरों की संख्या बढ़ जाएगी। पिछली बार जिन सीटों पर जीत-हार का अंतर 10 हजार वोटों से कम था, वहां मुस्लिम मतदाता चुनाव परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
संसद में पहले से है मुस्लिम प्रतिनिधित्व
वर्तमान में ब्रिटेन की संसद में 25 मुस्लिम सांसद हैं। माना जाता है कि मुस्लिम मतदाताओं का बड़ा हिस्सा लेबर पार्टी का समर्थन करता है। हालांकि हाल के वर्षों में गाजा मुद्दे को लेकर कुछ मुस्लिम मतदाता और युवा स्वतंत्र तथा गाजा समर्थक उम्मीदवारों की ओर भी आकर्षित हुए हैं।
सरकार बनाने के लिए कितनी सीटें जरूरी?
ब्रिटेन की संसद में कुल 650 सीटें हैं और किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए कम से कम 326 सीटों का समर्थन चाहिए। ऐसे में जिन सीटों पर मुकाबला कड़ा होता है, वहां मुस्लिम मतदाता चुनावी नतीजों पर महत्वपूर्ण असर डाल सकते हैं।