Edited By Parveen Kumar,Updated: 17 Jan, 2026 12:21 AM

एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने आगामी दिनों में वायु गुणवत्ता के ‘गंभीर' श्रेणी में पहुंचने की आशंका को देखते हुए शुक्रवार को ‘ग्रैप-3' प्रतिबंध लागू कर दिए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि...
नेशनल डेस्क: एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने आगामी दिनों में वायु गुणवत्ता के ‘गंभीर' श्रेणी में पहुंचने की आशंका को देखते हुए शुक्रवार को ‘ग्रैप-3' प्रतिबंध लागू कर दिए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शुक्रवार को शाम चार बजे बढ़कर 354 हो गया, जो बृहस्पतिवार को शाम चार बजे 343 था।
इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘आईएमडी/आईआईटीएम के मौसम संबंधी पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि हवा की धीमी गति, स्थिर वातावरण, प्रतिकूल मौसम मापदंडों और मौसम संबंधी स्थितियों तथा प्रदूषकों के फैलाव की कमी के कारण, दिल्ली का औसत एक्यूआई आने वाले दिनों में 400 के आंकड़े को पार कर सकता है और ‘गंभीर' श्रेणी में प्रवेश कर सकता है।'' अधिकारी ने कहा, ‘‘वायु गुणवत्ता की मौजूदा स्थिति, एक्यूआई पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए, तथा स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए, सीएक्यूएम की ग्रैप (क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना) उप-समिति ने आज समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में तत्काल प्रभाव से मौजूदा ग्रैप के चरण-3 के तहत परिकल्पित सभी कार्रवाइयों को लागू करने का आह्वान किया।''
वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद दो जनवरी को ग्रैप-3 प्रतिबंध हटा दिए गए थे, लेकिन ग्रैप-1 और 2 के तहत कई निवारक और नियंत्रण उपाय पूरे एनसीआर में जारी हैं। दिल्ली-एनसीआर में लागू ग्रैप प्रणाली वायु गुणवत्ता को चार चरणों में वर्गीकृत करती है। इसके तहत 201 से 300 के बीच एक्यूआई को ‘खराब' श्रेणी में, 301-400 ‘बहुत खराब', 401-450 को ‘गंभीर' और 450 से ऊपर एक्यूआई को ‘गंभीर से भी अधिक' श्रेणी में माना जाता है।
खराब मौसम स्थिति, वाहनों से निकलने वाला धुआं, पराली जलाना, पटाखे और प्रदूषण के अन्य स्थानीय प्रदूषण स्रोत अक्सर सर्दियों के मौसम में दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता को खतरनाक स्तर तक पहुंचा देते हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-4 डीजल चालित हल्के वाणिज्यिक वाहनों (एलसीवी) को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी, सिवाय उन वाहनों के जो आवश्यक वस्तुओं का परिवहन कर रहे हों या आवश्यक सेवाएं प्रदान कर रहे हों।