भारत का सर्वांगीण विकास समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव : मोहन भागवत

Edited By Updated: 26 Feb, 2026 09:12 PM

all round development of india is possible only with the active participation of

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख  डॉक्टर मोहन राव जी भागवत अपने तीन दिवसीय पंजाब दौरे के अंर्तगत आज दिनांक 26 फरवरी 2026 को लुधियाना पहुंचे । आज लुधियाना में श्री अरविंदो कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट (SACCM) के ऑडिटोरियम में मोहन भागवत जी ने...

नेशनल डेस्क : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख  डॉक्टर मोहन राव जी भागवत अपने तीन दिवसीय पंजाब दौरे के अंर्तगत आज दिनांक 26 फरवरी 2026 को लुधियाना पहुंचे । आज लुधियाना में श्री अरविंदो कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट (SACCM) के ऑडिटोरियम में मोहन भागवत जी ने प्रमुख नागरिकों के समूह के साथ संवाद किया ।

आज पंजाब प्रदेश से लगभग 800 प्रमुख नागरिकों ने इसमें भाग लिया, जिसमें सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोग , प्रसिद्ध डाक्टर,  धार्मिक संस्थाओं से जुड़े , सिने जगत, मिडिया क्षेत्र, प्रसिद्ध उद्योगपति, साइंटिस्ट , अकादमीक जगत, राज परिवार से जुड़े व्यक्तियों एवं कुछ विशेष प्रतिभाशाली युवा इसमें शामिल हुए। इन सब में बहुत बड़ी संख्या में मातृशक्ति भी मौजूद थीं।

आज भागवत जी ने मुख्यत: संघ स्थापना की पृष्ठभूमि , संघ का क्रमिक विकास,  संघ की कार्य पद्धति एवं देश के सर्वांगीण विकास जैसे प्रमुख विषयों पर  प्रमुख नागरिकों से संवाद किया। भागवत जी ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि मुट्ठी भर लोग आते थे और हम पर शासन करते थे।  इसका मूल कारण यह था कि हमारा समाज संगठित नहीं था। आज जब हमारा देश आजाद है तो हमारा लक्ष्य है अपने देश का सर्वांगीण विकास करना जो कि समाज के सभी वर्गों की सक्रियता एवं सभी वर्गों को साथ लेकर ही हो पाना संभव है।

भागवत जी ने कहा कि जब हम  समाज को  संगठित करने की बात करते हैं तो इसका मतलब सभी 142 करोड़ लोगों से है जो भारत में रहते हैं। सबका सम्मान करना ही भारतीय दृष्टि है। विभिन्न मत , पंथ एवं संप्रदायों के प्रश्न पर बात करते हुए भागवत जी ने कहा की सभी को जाना एक ही जगह है, रास्ता अलग-अलग हो सकता है । अपने रास्ते पर पक्का रहो और बाकी सब के रास्ते का भी सम्मान करो।

भागवत जी ने पांच परिवर्तन के विषय ( सामाजिक समरसता, पर्यावरण,परिवार जीवन मूल्य, स्व बोध, एवं नागरिक कर्तव्य) हमारे आचरण में आए इसका आग्रह किया। पर्यावरण के विषय पर बात करते हुए भागवत जी ने श्री गुरु नानक देव जी की दी हुई शिक्षाओं का जिक्र किया जैसे "पवन गुरु पानी पिता माता धरत महत"।

संघ देश के लिए है, खुद के लिए नहीं।  जब हम कहते हैं संघ कार्य इसका अर्थ है : देश एवं समाज का कार्य, किसी संस्था का कार्य नहीं। आज के इस संवाद कार्यक्रम में जिज्ञासा समाधान के विषय को भी जोड़ा गया था। जिसमें देश समाज  से जुड़े हुए कई महत्वपूर्ण प्रश्नों का भागवत जी ने विस्तार पूर्वक उत्तर दिया। आज किस कार्यक्रम में मंच पर मोहन भागवत जी के साथ पंजाब प्रांत के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संघ चालक सरदार इकबाल सिंह जी भी विराजमान रहे l कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ l

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!