'तुम बहुत खूबसूरत हो, तुम्हारी बेटी भी...' वर्दी वाले मजनू ASI ने महिला कैदी से किया गंदा सौदा, बोला- 10 हजार दूंगा

Edited By Updated: 03 Apr, 2026 12:25 PM

asi in akola made a dirty deal with a female prisoner

महाराष्ट्र के अकोला जिले से पुलिस महकमे को हिला देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) ने रक्षक की वर्दी पहनकर भक्षक जैसा व्यवहार किया है। आरोपी पुलिसकर्मी ने लॉकअप में बंद एक महिला कैदी के सामने उसकी बेटी के...

Akola Police ASI Suspended Case : महाराष्ट्र के अकोला जिले से पुलिस महकमे को हिला देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) ने रक्षक की वर्दी पहनकर भक्षक जैसा व्यवहार किया है। आरोपी पुलिसकर्मी ने लॉकअप में बंद एक महिला कैदी के सामने उसकी बेटी के बदले पैसों का अश्लील प्रस्ताव रखा। मामला उजागर होते ही विभाग में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरी शर्मनाक घटना?

यह मामला अकोला के सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन का है। यहां करीब ₹80 लाख की धोखाधड़ी के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार कर लॉकअप में रखा गया था। ड्यूटी पर तैनात 54 वर्षीय एएसआई ने अपनी पावर का गलत इस्तेमाल करते हुए महिला कैदी को धमकाने के बजाय उसे लुभाने की कोशिश की। आरोपी ने महिला से कहा, "तुम बहुत खूबसूरत हो, तुम्हारी बेटी भी जरूर सुंदर होगी। उसे मेरे पास भेज दो, मैं तुम्हें इसके बदले ₹10,000 दूंगा।"

साहस दिखाकर महिला ने खोली पोल

महिला कैदी ने इस अपमान को सहने के बजाय वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। पीड़ित महिला की शिकायत मिलते ही जिला पुलिस अधीक्षक (SP) ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया।

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केस दर्ज होते ही 'वर्दी वाला मजनू' फरार

आरोपी के खिलाफ महिला की लज्जा भंग करने और पद के दुरुपयोग की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। लेकिन जैसे ही निलंबन की खबर आई आरोपी एएसआई पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। जांच में पता चला है कि आरोपी का पिछला रिकॉर्ड भी दागदार रहा है और 10 साल पहले भी उस पर महिलाओं से बदसलूकी के आरोप लगे थे।

महिला आयोग हुआ सख्त

इस मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने महाराष्ट्र पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसे सत्ता का घोर दुरुपयोग बताते हुए सख्त से सख्त सजा की मांग की गई है। आयोग ने निर्देश दिया है कि जांच निष्पक्ष हो और समय सीमा के भीतर पूरी की जाए।

पुलिस का पक्ष

स्थानीय पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं। विभाग का कहना है कि ऐसे पुलिसकर्मियों के लिए महकमे में कोई जगह नहीं है जो कानून के रक्षक होकर ही अपराध को बढ़ावा दें।

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