Edited By Parveen Kumar,Updated: 17 May, 2026 09:38 PM

तमिल फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मशहूर फिल्म प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और एक्टर के राजन ने रविवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने चेन्नई के अडयार ब्रिज से कूदकर अपनी जान दे दी। इस घटना के बाद...
नेशनल डेस्क : तमिल फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मशहूर फिल्म प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और एक्टर के राजन ने रविवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने चेन्नई के अडयार ब्रिज से कूदकर अपनी जान दे दी। इस घटना के बाद पूरी कोलीवुड इंडस्ट्री सदमे में है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, आत्महत्या के पीछे की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है।
कई भूमिकाओं में सक्रिय थे के राजन
के राजन तमिल सिनेमा का एक जाना-पहचाना चेहरा थे। उन्होंने अपने करियर में प्रोड्यूसर, राइटर, डायरेक्टर और एक्टर के तौर पर काम किया। साल 1983 में फिल्म ब्रह्माचारिगल से उन्होंने बतौर प्रोड्यूसर शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने डबल्स, अवल पावम और निनाईकोआथा नालिआई जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस किया।

साल 1991 में उन्होंने डायरेक्शन की दुनिया में कदम रखा। उनकी पहली निर्देशित फिल्म नम्मा ओरू मारिअम्मा थी, जिसमें निजालघल रवी और सरतकुमार नजर आए थे। इसके अलावा उन्होंने उनार्कीगल जैसी फिल्मों का निर्देशन भी किया। के राजन ने कई फिल्मों की कहानियां भी लिखीं, जिनमें थनगमाना थंगाची और उनर्चीगल शामिल हैं।
अभिनय में भी बनाई पहचान
प्रोडक्शन और डायरेक्शन के साथ-साथ के राजन अभिनय की दुनिया में भी सक्रिय रहे। उन्होंने माइकल राज, सोनथाकरण, वीट्टोडा मापिलाई, पांबू सातई, अजीत कुमार की थुनिवू और सेल्वाराघवन की बकासुरन जैसी फिल्मों में अभिनय किया था।
बेबाक अंदाज की वजह से रहते थे चर्चा में
के राजन सिर्फ फिल्मों की वजह से ही नहीं, बल्कि अपने बेबाक बयानों के कारण भी अक्सर सुर्खियों में रहते थे। जहां इंडस्ट्री के कई लोग विवादों से बचते नजर आते हैं, वहीं राजन खुलकर बड़े सितारों और उनके काम करने के तरीकों पर सवाल उठाते थे।
उन्होंने कई बार बड़े बजट की फिल्मों को लेकर नाराजगी जाहिर की थी। राजन का कहना था कि जरूरत से ज्यादा खर्चीली और एक्सपेरिमेंटल फिल्मों की वजह से प्रोड्यूसर्स पर भारी कर्ज का बोझ बढ़ जाता है। उन्होंने कार्ति की Aayirathil Oruvan और धनुष की Enai Noki Paayum Thota का उदाहरण देते हुए कहा था कि ऐसी फिल्मों ने निर्माताओं को आर्थिक संकट में डाल दिया।
नयनतारा और योगी बाबू पर भी साधा था निशाना
के राजन ने लेडी सुपरस्टार नयनतारा की फीस को लेकर भी सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि बड़े स्टार्स करोड़ों रुपये फीस लेते हैं, लेकिन फिल्म प्रमोशन, ऑडियो लॉन्च और प्रेस मीट से दूरी बना लेते हैं। उनके मुताबिक, जब निर्माता इतना पैसा खर्च करता है तो कलाकारों की जिम्मेदारी बनती है कि वे प्रमोशन में भी सहयोग करें।
कॉमेडियन योगी बाबू पर भी उन्होंने खुलकर नाराजगी जताई थी। एक प्रमोशनल इवेंट में राजन ने कहा था कि कुछ कलाकार मीडिया इंटरैक्शन से बचते हैं और यह रवैया घमंड को दिखाता है।
फिल्म सेट्स पर बढ़ते खर्चों से भी थे परेशान
के राजन बड़े सितारों के साथ आने वाली भारी-भरकम पर्सनल टीम और सेट्स पर होने वाले अतिरिक्त खर्चों को लेकर भी अक्सर सवाल उठाते थे। उनका मानना था कि इन बढ़ते खर्चों का सीधा असर प्रोड्यूसर्स पर पड़ता है।
बेटे प्रभुकांत भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े
के राजन के परिवार में उनके बेटे प्रभुकांत हैं। प्रभुकांत ने पहले एक्टर के तौर पर इंडस्ट्री में कदम रखा था, बाद में उन्होंने आरजे बालाजी की फिल्म एलकेजी का निर्देशन किया।