मुझ पर हमला करने से आपके अपराध कम नहीं होंगे: राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान पर किया पलटवार

Edited By Updated: 28 May, 2026 05:48 PM

attacking me will not reduce your crimes

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीट-सीबीएसई मुद्दे पर धर्मेंद्र प्रधान की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उन पर हमला करने से शिक्षा मंत्री के अपराध कम नहीं होंगे। प्रधान ने इससे पहले गांधी पर इस मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप...

नेशनल डेस्क : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नीट-सीबीएसई मुद्दे पर धर्मेंद्र प्रधान की टिप्पणियों पर पलटवार करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उन पर हमला करने से शिक्षा मंत्री के अपराध कम नहीं होंगे। प्रधान ने इससे पहले गांधी पर इस मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि कांग्रेस नेता 'हताश' और भारत की 'तकनीकी प्रगति के विरोधी' हैं। गांधी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''धर्मेंद्र प्रधान जी, आप मुझ पर जितने चाहे हमले कर लें, लेकिन इससे आपके अपराध कम नहीं होंगे। न ही इससे मुझे 18.5 लाख बच्चों के लिए जवाब मांगने से रोका जा सकेगा।''

गांधी ने कई सवाल उठाते हुए पूछा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ओएसएम का अनुबंध 'सीओईएमपीटी' को क्यों दिया गया - ''एक ऐसी कंपनी जो अपने पुराने नाम, ग्लोबरीना के तहत पहले से ही विवादों में घिरी हुई है?'' लोकसभा में विपक्ष के नेता ने पूछा, ''ऐसा किसके आदेश पर किया गया? कंपनी की पृष्ठभूमि की जांच क्यों नहीं की गई? 'सीओईएमपीटी' के प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध है?'' उन्होंने कहा, ''या तो आपने पृष्ठभूमि की जांच कराई और फिर भी आगे बढ़ गए - या आपने बिल्कुल भी पृष्ठभूमि की जांच नहीं कराई। दोनों ही मामलों में, आप दोषी हैं।''

गांधी ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री को वाकई स्थिति की परवाह होती, तो उन्हें असंख्य विद्यार्थियों के भविष्य को खतरे में डालने के लिए प्रधान को बहुत पहले ही बर्खास्त कर देना चाहिए था। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''लाखों भारतीय विद्यार्थियों के लिए उन्होंने जो अराजकता पैदा की है और मंत्री के रूप में जो घोर अक्षमता दिखाई है, इसके बावजूद भी अहंकार और राजनीतिक नाटकबाजी ही प्रधान के पास सबसे अच्छा जवाब है।''

रमेश ने कहा कि प्रधान अब विपक्ष के नेता को निशाना बना रहे हैं, क्योंकि वह शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति की आलोचना करने से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी का ''संरक्षण'' ही प्रधान के अहंकार के लिए जिम्मेदार है। सीबीएसई परीक्षाओं में अनियमितताओं के बारे में गांधी के आरोपों के जवाब में प्रधान ने कहा कि सीबीएसई ने इस मामले पर अपना जवाब दिया था। उन्होंने कहा था, ''मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि अगर कोई अनियमितता पाई जाती है, तो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।''

प्रधान ने कहा, ''लेकिन जहां तक ​​राहुल गांधी का सवाल है, वह एक अलग ही मानसिक स्थिति में पहुंच गए हैं। लगातार चुनावी हार से वह हताश दिखते हैं। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध किया, वह ईवीएम का विरोध करते थे और उन्होंने डिजिटल इंडिया का विरोध किया। ऐसा लगता है कि वह भारत की वैज्ञानिक प्रगति के साथ नहीं खड़े हैं।'' प्रधान ने यह भी कहा कि विद्यार्थियों और परीक्षाओं से संबंधित मुद्दों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "इस मामले में सरकार की ओर से किसी भी असुविधा के लिए मैं स्वयं जिम्मेदार हूं और मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि यह राजनीति का समय नहीं है। मैंने यह बात पहले भी कही है। राजनीति बाद में की जा सकती है।"

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन विद्यार्थियों व परीक्षार्थियों का मानसिक तनाव और न बढ़े। हम सभी से अपील करते हैं कि किसी के भी शब्दों या व्यवहार से उनका तनाव न बढ़े।" गांधी ने बुधवार को एक बयान में कहा था कि सीबीएसई परीक्षा परिणामों में 'बड़े पैमाने पर अनियमितताएं' हुई हैं। उन्होंने इस 'पूरे घोटाले' की तह तक जाने के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक जांच एवं एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग की थी। गांधी ने यह भी आरोप लगाया था कि तेलंगाना की एक संदिग्ध पृष्ठभूमि वाली कंपनी को सीबीएसई द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन का ठेका दिया गया था। 

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