Attari Wagah Border Ceremony Time: अटारी-वाघा बॉर्डर पर पहुंचने से पहले जान लीजिए बदली हुई टाइमिंग

Edited By Updated: 16 Feb, 2026 08:25 PM

attari wagah border ceremony time

भारत-पाक सीमा पर स्थित मशहूर Attari-Wagah Border पर रोजाना आयोजित होने वाली बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के समय में बदलाव किया गया है। नया समय 16 फरवरी 2026 से प्रभावी हो चुका है।

नेशनल डेस्क: भारत-पाक सीमा पर स्थित मशहूर Attari-Wagah Border पर रोजाना आयोजित होने वाली बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के समय में बदलाव किया गया है। नया समय 16 फरवरी 2026 से प्रभावी हो चुका है। अटारी बॉर्डर के प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण माहल के मुताबिक, यह परिवर्तन हर साल सूर्यास्त के समय और मौसम के अनुसार किया जाता है, ताकि पूरे कार्यक्रम को तय प्रोटोकॉल के तहत सही रोशनी में संपन्न कराया जा सके।

क्या है नया टाइमिंग शेड्यूल?

पहले यह जोशीला समारोह शाम 4:30 बजे शुरू होकर 5:00 बजे समाप्त होता था। अब इसे आधे घंटे आगे बढ़ा दिया गया है।

नया कार्यक्रम (16 फरवरी 2026 से लागू)

प्रशासन का कहना है कि सर्दियों में दिन छोटे होने और सूर्यास्त जल्दी होने के कारण यह बदलाव आवश्यक था, ताकि झंडा उतारने की रस्म पूरी गरिमा और सुरक्षा के साथ हो सके।

क्यों खास है यह सेरेमनी?

बीटिंग रिट्रीट परेड भारत और पाकिस्तान के सीमा सुरक्षा बलों के बीच समन्वित प्रदर्शन का प्रतीक है। इस दौरान Border Security Force (BSF) और पाकिस्तान रेंजर्स के जवान परेड, जोशीले नारे और झंडा अवरोहण की औपचारिकता निभाते हैं। हर दिन हजारों पर्यटक इस अनोखे नजारे को देखने पहुंचते हैं। यह आयोजन देशभक्ति, अनुशासन और सैन्य परंपरा का जीवंत उदाहरण माना जाता है।

पर्यटकों के लिए जरूरी सलाह

प्रोटोकॉल अधिकारी ने दर्शकों से समय से पहले पहुंचने की अपील की है। बेहतर होगा कि आप दोपहर 3:00 बजे तक बॉर्डर पहुंच जाएं।

जल्दी पहुंचने के फायदे:

  • एंट्री गेट पर भीड़ से बचाव
  • सुरक्षा जांच और आईडी वेरिफिकेशन में आसानी
  • बेहतर सीटिंग व्यवस्था
  • पूरे 30 मिनट का कार्यक्रम बिना बाधा देख सकेंगे
  • ध्यान रखने योग्य बातें:
  • वैध पहचान पत्र साथ रखें
  • सुरक्षा नियमों का पालन करें
  • कैमरा/मोबाइल से जुड़े दिशा-निर्देशों का ध्यान रखें
  • प्रशासन के निर्देशों का पालन करें

अगर आप अमृतसर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो इस नए समय को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा तय करें। अटारी-वाघा बॉर्डर की यह सेरेमनी एक ऐसा अनुभव है, जो देशभक्ति की भावना को और गहरा कर देता है।

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