Edited By Tanuja,Updated: 05 Aug, 2026 07:40 PM

पूर्व बांग्लादेश प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने पहले बड़े सार्वजनिक संबोधन में 2024 के जुलाई-अगस्त आंदोलन को सुनियोजित सत्ता परिवर्तन बताया। उन्होंने दावा किया कि छात्र आंदोलन के पीछे उनकी सरकार हटाने की योजना थी। हसीना ने बांग्लादेश की स्थिति पर...
Dhaka: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 2024 में उनकी सरकार के खिलाफ हुए आंदोलन को लेकर बड़ा दावा किया है। सत्ता से बेदखल होने और भारत आने के करीब दो साल बाद अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में हसीना ने कहा कि जुलाई-अगस्त 2024 का आंदोलन महज छात्रों का स्वतःस्फूर्त प्रदर्शन नहीं था, बल्कि सरकार को सत्ता से हटाने के लिए तैयार किया गया एक सुनियोजित अभियान था। यह उनका आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है। अपने ऑडियो संबोधन में शेख हसीना ने दावा किया कि 2024 का आंदोलन लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सरकार बदलने के बजाय एक नई व्यवस्था स्थापित करने की कोशिश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम को बेहद योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया और छात्र आंदोलन को सरकार हटाने के बड़े अभियान के तौर पर इस्तेमाल किया गया।
हसीना के मुताबिक, इसका अंतिम लक्ष्य उनकी सरकार को सत्ता से बाहर करना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बाहर एक नई व्यवस्था स्थापित करना था। शेख हसीना ने यह संबोधन ऐसे समय दिया है जब बांग्लादेश में उनकी वापसी को लेकर राजनीतिक तनाव बना हुआ है। वह अगस्त 2024 में सत्ता से हटने के बाद भारत आ गई थीं। 5 अगस्त 2026 को उन्होंने भारत से अपने पहले प्रमुख सार्वजनिक संबोधन के जरिए बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर अपनी बात रखी। उनकी प्रस्तावित सार्वजनिक उपस्थिति को लेकर ढाका ने आपत्ति जताई थी, जबकि भारत ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम एक निजी संस्था द्वारा आयोजित किया गया था और इसमें भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। हसीना ने अपने संबोधन की शुरुआत बांग्लादेश के संस्थापक नेता और अपने पिता शेख मुजीबुर रहमान को श्रद्धांजलि देकर की। उन्होंने 1971 के मुक्ति संग्राम के शहीदों और अगस्त 1975 के सैन्य तख्तापलट में मारे गए अपने परिवार के सदस्यों को भी याद किया। अपने परिवार की हत्या का जिक्र करते हुए हसीना भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि वह बांग्लादेश के लिए प्यार और चिंता के साथ अपनी बात रख रही हैं।
हसीना ने अपने संबोधन में बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। सत्ता परिवर्तन के बाद देश में अंतरिम व्यवस्था के तहत शासन चला और उनकी पार्टी अवामी लीग तथा उनके शासन से जुड़े लोगों पर कई कानूनी कार्रवाई हुई हैं। हसीना और उनके समर्थक उनके खिलाफ लगाए गए कई आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं। शेख हसीना पहले भी कह चुकी हैं कि वह इस साल दिसंबर में बांग्लादेश लौटने की योजना बना रही हैं। जुलाई में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने कहा था कि वह वापसी के बाद अदालत के सामने आत्मसमर्पण करने को तैयार हैं, हालांकि उन्हें अपनी जान और गिरफ्तारी का खतरा होने की आशंका भी है। उनकी प्रस्तावित वापसी ऐसे समय हो सकती है जब बांग्लादेश में उनके खिलाफ कानूनी मामले जारी हैं। इसलिए उनका लौटना देश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम साबित हो सकता है।