Edited By Mehak,Updated: 25 Jan, 2026 05:26 PM

बीबीसी के पूर्व दिल्ली ब्यूरो चीफ और वरिष्ठ पत्रकार मार्क टली का 25 जनवरी 2026 को 90 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में निधन हो गया। टली ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भुट्टो के मुकदमे से लेकर इंदिरा गांधी की हत्या तक कई महत्वपूर्ण घटनाओं को कवर किया।...
नेशनल डेस्क : भारत में BBC के पूर्व ब्यूरो चीफ और वरिष्ठ पत्रकार सर मार्क टली (Mark Tully) का 25 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में निधन हो गया। वह 90 वर्ष के थे। मार्क टली को दक्षिण एशिया के घटनाक्रम को कवर करने वाले पत्रकार के रूप में जाना जाता था। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो के मुकदमे और भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या जैसी महत्वपूर्ण खबरों को रिपोर्ट किया।
पत्रकारिता में करियर
मार्क टली 1964 में BBC से जुड़े और 1972 से 1994 तक BBC के दिल्ली ब्यूरो के संवाददाता रहे। उन्होंने भारत और दक्षिण एशियाई क्षेत्र से जुड़ी कई बड़ी खबरों को कवर किया। BBC छोड़ने के बाद वह स्वतंत्र पत्रकारिता में सक्रिय रहे। उनका मानना था कि उनका करियर सिर्फ मेहनत का परिणाम नहीं था, इसमें किस्मत और ईश्वर का हाथ भी शामिल था।
किताबें और पुरस्कार
टली ने कई किताबें लिखी, जिनमें द लाइव्स ऑफ जीसस, नो फुल स्टॉप्स इन इंडिया, इंडियाज अनएंडिंग जर्नी और लेटेस्ट नॉन-स्टॉप इंडिया शामिल हैं। उन्हें 2002 में नाइटहुड और 2005 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
प्रारंभिक जीवन
मार्क टली का जन्म कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) में हुआ था। उन्होंने दार्जिलिंग से स्कूलिंग की और ट्रिनिटी हॉल, कैम्ब्रिज से हिस्ट्री और थियोलॉजी में मास्टर्स किया। बचपन में उन्हें हिंदी और बंगाली सीखने से रोका गया था।
पत्रकारिता और भारत के अनुभव
उन्होंने आपातकाल के दौरान केंद्रीय मंत्री द्वारा जासूस कहे जाने की घटना का जिक्र किया था। संजय गांधी और इंदिरा गांधी पर अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी कभी मित्रवत तो कभी रूखे स्वभाव की रहती थीं। अयोध्या में हुए तोड़फोड़ की रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने खुद मौके पर रहकर बीबीसी को खबर भेजी।
हिंदी भाषा और भारत के प्रति लगाव
टली ने हिंदी सीखी और भारतीय मामलों को करीब से कवर किया। उन्होंने दुख जताया कि कई बार हिंदी में बात करने पर लोग अंग्रेजी में जवाब देते थे। उनका मानना था कि पत्रकारिता में घमंड न होना चाहिए और वह हमेशा निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर जोर देते थे।