राजनीति जगत को बड़ा झटका, चार बार विधायक रहे BJP के वरिष्ठ नेता गोविंद परमार का निधन

Edited By Updated: 07 Mar, 2026 10:56 AM

senior bjp leader govind parmar who was a4 time mla passes away

गुजरात के आणंद जिले की उमरेठ विधानसभा सीट से गोविंद परमार का शुक्रवार को 72 वर्ष की उम्र में बीमारी के कारण निधन हो गया। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे...

नेशनल डेस्क : गोविंद परमार, जो भाजपा के वरिष्ठ नेता और गुजरात के आणंद जिले की उमरेठ विधानसभा सीट से विधायक थे, उनका शुक्रवार को निधन हो गया। वे 72 वर्ष के थे। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। अचानक घर पर ही उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत आणंद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में कई दिनों तक उनका इलाज चलता रहा, लेकिन उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया। आखिरकार शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर फैल गई।

यह भी पढ़ें - दिन में होगा अंधेरा... इस दिन लगेगा साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण

भाजपा नेताओं ने जताया शोक

जगदीश विश्वकर्मा ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (formerly Twitter) पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि उमरेठ के लोकप्रिय विधायक गोविंदभाई परमार के निधन की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत नेता की आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान हो। परमार के निधन की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में भाजपा नेता, कार्यकर्ता और समर्थक उनके घर पहुंचने लगे। सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

चार बार विधायक रहे गोविंद परमार

गोविंद परमार का जन्म वर्ष 1953 में हुआ था और वे मध्य गुजरात की राजनीति में एक अनुभवी और प्रभावशाली नेता माने जाते थे। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे और अलग-अलग चुनावों में जनता का समर्थन प्राप्त किया। वे चार बार विधायक चुने गए। उन्हें पहली बार 1995 में विधानसभा चुनाव में जीत मिली थी। उस समय उन्होंने आणंद जिले की सरसा विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया था। इसके बाद 1998 के चुनाव में उन्होंने Indian National Congress के टिकट पर चुनाव लड़ा और सरसा सीट पर दोबारा जीत हासिल की।

यह भी पढ़ें - लगातार चौथे दिन सस्ता हुआ सोना, जानें 22 कैरेट 100 ग्राम गोल्ड का ताजा रेट

भाजपा में शामिल होने के बाद नई राजनीतिक शुरुआत

बाद के वर्षों में चुनावी हार का सामना करने के बाद गोविंद परमार भाजपा में शामिल हो गए। 2008 में विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन के बाद सरसा सीट को उमरेठ विधानसभा क्षेत्र में शामिल कर दिया गया। 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने राजनीति में सक्रियता बनाए रखी। इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने भाजपा के टिकट पर उमरेठ सीट से जीत दर्ज की और दोबारा विधायक बने।
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!