Edited By Anu Malhotra,Updated: 19 Feb, 2026 11:16 AM

बेंगलुरु शहर के अवलाहल्ली इलाके में बुधवार की सुबह 65 वर्षीय पूर्व इसरो (ISRO) कर्मचारी नागेश्वर राव ने अपनी ही जीवनसंगिनी संध्या श्री की जान ले ली। यह घटना महज एक अपराध नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और अकेलेपन की उस भयावह स्थिति को दर्शाती है, जो...
नेशनल डेस्क: बेंगलुरु शहर के अवलाहल्ली इलाके में बुधवार की सुबह 65 वर्षीय पूर्व इसरो (ISRO) कर्मचारी नागेश्वर राव ने अपनी ही जीवनसंगिनी संध्या श्री की जान ले ली। यह घटना महज एक अपराध नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और अकेलेपन की उस भयावह स्थिति को दर्शाती है, जो किसी भी हंसते-खेलते घर को पल भर में श्मशान बना सकती है।
पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे रोंगटे खड़े करने वाले हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी नागेश्वर राव पिछले काफी समय से डिप्रेशन (अवसाद) से जूझ रहे थे और उनका इलाज भी चल रहा था। बुधवार सुबह करीब 11 बजे, किसी अज्ञात मानसिक तनाव के चलते उन्होंने तौलिए से अपनी पत्नी का गला घोंट दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद राव ने भागने की कोशिश नहीं की, बल्कि वह घर पर ही रहे। उन्होंने खुद भी अपनी जीवन लीला समाप्त करने का मन बना लिया था, लेकिन इससे पहले उन्होंने अपने एक परिचित को इस बारे में सूचित किया, जिसने तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी।
व्हाइटफील्ड के डीसीपी सैदुलु अदावथ के अनुसार, प्राथमिक दृष्टि में इस हत्या के पीछे कोई आपसी रंजिश या बाहरी विवाद नजर नहीं आ रहा है। आरोपी की मानसिक स्थिति ही इस जघन्य कृत्य का मुख्य कारण प्रतीत होती है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उसकी मेडिकल हिस्ट्री खंगाली जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर किस मोड़ पर आकर उसने इतना आत्मघाती फैसला लिया।
इस दुखद घटना की सूचना अमेरिका में रह रही उनकी बेटी को दे दी गई है। फिलहाल पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वैज्ञानिक जैसे प्रतिष्ठित पद से सेवानिवृत्त व्यक्ति के घर से आई इस खबर ने एक बार फिर समाज में बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।