Edited By Anu Malhotra,Updated: 19 Feb, 2026 01:18 PM

जैसे-जैसे गर्मी का मौसम आना शुरू होता है वैसे-वैसे हमारी निर्भरता एयर कंडीशनर (AC) पर बढ़ने लगती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप तपती धूप में अपनी कार का AC ऑन करते हैं, तो वह आपकी जेब पर घर के AC के मुकाबले कितना भारी पड़ता है? फरवरी के...
नई दिल्ली: जैसे-जैसे गर्मी का मौसम आना शुरू होता है वैसे-वैसे हमारी निर्भरता एयर कंडीशनर (AC) पर बढ़ने लगती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप तपती धूप में अपनी कार का AC ऑन करते हैं, तो वह आपकी जेब पर घर के AC के मुकाबले कितना भारी पड़ता है? फरवरी के जाते ही गर्मी दस्तक देने वाली है, ऐसे में यह समझना जरूरी है कि ठंडी हवा के बदले आप पेट्रोल-डीजल के रूप में कितनी बड़ी कीमत चुका रहे हैं। एक घंटे की कूलिंग का खर्च आपको हैरान कर सकता है।
कार का AC: फ्यूल टैंक पर सीधा हमला
कार का एयर कंडीशनर सीधे इंजन से शक्ति लेता है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है। अगर आप 1.2 से 1.5 लीटर इंजन वाली हैचबैक या सेडान कार में एक घंटे तक AC चलाते हैं, तो यह लगभग 0.2 से 0.4 लीटर पेट्रोल डकार जाती है। वहीं, अगर आपके पास दमदार SUV है, तो यह आंकड़ा 0.7 लीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकता है। इसका मतलब है कि अगर पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर है, तो 1 घंटे की कार कूलिंग आपको 50 से 70 रुपये के बीच पड़ती है।
घर का AC: बिजली बिल और बचत का गणित
दूसरी ओर, घर में इस्तेमाल होने वाला 1.5 टन का AC बिजली की यूनिट्स पर चलता है। एक आधुनिक 5-स्टार इन्वर्टर AC एक घंटे में औसतन 1.2 से 1.3 यूनिट बिजली की खपत करता है। यदि बिजली की दर 10 रुपये प्रति यूनिट भी मान ली जाए, तो घर के AC का एक घंटे का खर्च मात्र 13 से 20 रुपये के आसपास आता है। यानी घर में सुकून की नींद लेना, कार में बैठने के मुकाबले कहीं ज्यादा सस्ता है।
महंगा कौन? फैसले का वक्त
तुलना की जाए तो कार का AC घर के AC के मुकाबले करीब 3 से 4 गुना ज्यादा महंगा साबित होता है। इसके पीछे मुख्य कारण कार इंजन की कार्यक्षमता और ईंधन की ऊंची कीमतें हैं। कार खड़ी होने पर AC चलाना और भी महंगा पड़ता है क्योंकि तब इंजन को कूलिंग के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ता है। तो अगली बार जब आप कार में बेवजह AC चलाकर बैठने की सोचें, तो याद रखिएगा कि आपका पेट्रोल घर की बिजली से कहीं ज्यादा तेजी से उड़ रहा है।