Edited By Mansa Devi,Updated: 27 Feb, 2026 04:09 PM

होली का त्योहार अब कुछ ही दिनों की दूरी पर है और घरों में तैयारियां जोरों पर हैं। बाजार रंगों और गुलाल से रंगीन हो गए हैं। हर कोई चाहता है कि इस बार की होली यादगार और आनंदमय हो, लेकिन चमकीले पैकेट और सस्ते दाम के चक्कर में लोग अक्सर ऐसे रंग खरीद...
नेशनल डेस्क: होली का त्योहार अब कुछ ही दिनों की दूरी पर है और घरों में तैयारियां जोरों पर हैं। बाजार रंगों और गुलाल से रंगीन हो गए हैं। हर कोई चाहता है कि इस बार की होली यादगार और आनंदमय हो, लेकिन चमकीले पैकेट और सस्ते दाम के चक्कर में लोग अक्सर ऐसे रंग खरीद लेते हैं जिनमें खतरनाक केमिकल हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावटी रंग त्वचा, आंखों और सांस की समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इसलिए होली खेलने से पहले यह जानना जरूरी है कि जो गुलाल आप खरीद रहे हैं, वह सुरक्षित है या नहीं। कुछ आसान तरीकों से आप दो मिनट में असली और नकली गुलाल की पहचान कर सकते हैं।
सूंघकर और पानी में घोलकर करें टेस्ट
गुलाल खरीदने से पहले उसकी हल्की सी खुशबू जरूर लें। अगर खुशबू तेज और केमिकल जैसी लगे, तो यह सतर्क रहने का संकेत है। ऑर्गेनिक या हर्बल गुलाल की खुशबू आमतौर पर हल्की और प्राकृतिक होती है। दूसरा तरीका है पानी टेस्ट। थोड़ा सा गुलाल गिलास पानी में डालें। अगर रंग आसानी से घुल जाए और नीचे कोई भारी कण न जमा हो, तो यह बेहतर संकेत है। लेकिन अगर रंग ऊपर तैरता रहे या नीचे कचरे जैसे कण बैठ जाएं, तो इसे इस्तेमाल न करें। यह मिलावट की निशानी हो सकती है।
हाथ पर रगड़कर और लेबल पढ़कर पहचानें असली गुलाल
थोड़ा सा गुलाल हथेली पर लेकर रगड़ें। असली और सुरक्षित गुलाल बेहद मुलायम महसूस होता है। अगर इसमें दरदरे कण या चमकते कण नजर आएं, तो यह स्किन के लिए हानिकारक हो सकता है। पैकेट पर लिखी सामग्री भी ध्यान से पढ़ें। सिर्फ “हर्बल” लिखा होना पर्याप्त नहीं है। सामग्री में हल्दी, चंदन, फूलों का पाउडर या अन्य प्राकृतिक चीजों का उल्लेख होना चाहिए। भरोसेमंद ब्रांड से ही खरीदारी करना सुरक्षित रहेगा।
नकली गुलाल के नुकसान
सस्ते और मिलावटी गुलाल में अक्सर ऐसे केमिकल मिलाए जाते हैं जो शरीर के लिए हानिकारक होते हैं। इनमें लेड, मरकरी, क्रोमियम जैसे तत्व शामिल हो सकते हैं। कुछ गुलालों में चमकदार बनाने के लिए बारीक कांच के कण भी मिलाए जाते हैं। इनसे स्किन पर खुजली, लाल चकत्ते और जलन हो सकती है। आंखों में चला जाए तो गंभीर इरिटेशन हो सकता है। एलर्जी या अस्थमा की समस्या वाले लोग विशेष रूप से सतर्क रहें। इसलिए सिर्फ रंग देखकर फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।