Edited By Ramkesh,Updated: 18 Jun, 2026 02:27 PM

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सचमुच सब कुछ ऑनलाइन (डिजिटल) हो गया है। इसने हमारे जीवन को बहुत सुविधाजनक और तेज बना दिया है, जहां हम एक क्लिक में सब कुछ हासिल कर लेते हैं यहां तक हम अपने जीवन साथी को भी आनलॉइन चुन रहे हैं, लेकिन साइबर ठगों ने...
नेशनल डेस्क: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सचमुच सब कुछ ऑनलाइन (डिजिटल) हो गया है। इसने हमारे जीवन को बहुत सुविधाजनक और तेज बना दिया है, जहां हम एक क्लिक में सब कुछ हासिल कर लेते हैं यहां तक हम अपने जीवन साथी को भी आनलॉइन चुन रहे हैं, लेकिन साइबर ठगों ने मैट्रिमोनियल साइट्स पर अपन जाल विछा कर लोगों से ठगी कर रहे हैं। दिल्ली समेत देशभर में ऐसे कई मामले सामने आए है जिसने सभी को चौंका दिया है। एक रिर्पोर्ट के मुताबिक जिनमें ठगों ने फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी की है। अपराधी खुद को आईएएस, आईपीएस, सीबीआई अधिकारी, प्रोफेसर या बड़े पदों पर कार्यरत बताकर भरोसा जीतते है और फिर भावनात्मक संबंध बनाकर ठगी को अंजाम देते है।
महिला से ठग लिए ₹12 लाख
तिमारपुर पुलिस ने एक महिला एडवोकेट की शिकायत पर नोएडा से एक ठग को गिरफ्तार किया। आरोपी ने शादी का झांसा देकर महिला से नजदीकियां बढ़ाई और बीमारी समेत अन्य बहाने बनाकर करीब 12 लाख रुपये ठग लिए। आरोपी गौरी शंकर खुद को कभी आईएफएसओ, कभी सीबीआई अधिकारी तो कभी प्रोफेसर बताता था। उसने 7 महिलाओं से करीब 60 लाख रुपये की ठगी की थी।
खाते, क्रेडिट कार्ड कर दिए खाली
वेस्ट डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस के पास एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी मुलाकात मैट्रिमोनियल साइट पर एक व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने शादी का वादा कर भरोसा जीता और बाद में बैंक खाते तथा क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल कर पैसे निकाल लिए। आरोपी खुद को कभी सरकारी अधिकारी, कभी सीनियर मैनेजर तो कभी दिल्ली मेट्रो का अधिकारी बताता था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।
IPS अफसर बन ठगे ₹5 लाख
रोहिणी की शीना एडवोकेट है। उनके लिए उनकी मां ने मैट्रिमोनियल साइट पर एक रिश्ता तलाशा। एक युवक ने खुद को 2010 बैच का आईपीएस अधिकारी और सीबीआई में जॉइंट डायरेक्टर बताया। जिससे परिवार प्रभावित हो गया और शादी की बात आगे बढ़ गई। कुछ समय बाद युवक ने बैंक खाता फ्रीज होने का बहाना बनाकर 5 लाख रुपये मांगे। शीना ने रकम दे दी, बाद में उन्हे ठगी का पता चला।
बिना पड़ताल नहीं करें भरोसा'
मैट्रिमोनियल साइट्स पर ठग अब खुद को आईएएस,आईपीएस, सेना का अधिकारी, डॉक्टर या एनआरआई बताकर भरोसा जीतते है। फिर बहाने से पैसे मांगते है। किसी भी प्रोफाइल पर भरोसा करने से पहले उसकी पहचान, नौकरी, पारिवारिक जानकारी का सत्यापन जरूर करे। पैसे, बैंक डिटेल, ओटीपी या निजी जानकारी साझा करना नुकसान का कारण बन सकता है। किसी प्रोफाइल या व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध लगे तो 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत करे। - रमण कुमार सिंह, इंस्पेक्टर (लीगल डिवीजन) पुलिस हेडक्वॉर्टर
अगर भी मैट्रिमोनियल साइट्स से ढूंढ रहें हैं रिश्ता बरतें सावधानियां?
- अधिक से अधिक सवाल पूछे और सभी संदेहों को दूर करें।
- रिश्ते की बात आगे बढ़ाने से पहले आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य सरकारी पहचान पत्र अवश्य देखें।
- जब तक पूरी तरह से सत्यापन न हो जाए, किसी भी तरह का आर्थिक लेन-देन न करें। मैट्रिमोनियल साइट पर रिपोर्टिंग विकल्प का इस्तेमाल करे। रिश्ते की बातचीत में परिवार को शामिल करें।