Edited By Rohini Oberoi,Updated: 05 Jan, 2026 03:35 PM

भारत को दुनिया की 'ओरल कैंसर राजधानी' कहा जाता है। चौंकाने वाली बात यह है कि हमारे देश में कैंसर के लगभग 70 प्रतिशत मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं जब बीमारी स्टेज 3 या 4 पर होती है जहां इलाज कठिन हो जाता है। कैंसर सर्जन डॉ. जयेश शर्मा के अनुसार यदि...
Early Symptoms of Mouth Cancer : भारत को दुनिया की 'ओरल कैंसर राजधानी' कहा जाता है। चौंकाने वाली बात यह है कि हमारे देश में कैंसर के लगभग 70 प्रतिशत मरीज तब अस्पताल पहुंचते हैं जब बीमारी स्टेज 3 या 4 पर होती है जहां इलाज कठिन हो जाता है। कैंसर सर्जन डॉ. जयेश शर्मा के अनुसार यदि मुंह के कैंसर को स्टेज 0 या 1 में पहचान लिया जाए तो ठीक होने की संभावना 100 प्रतिशत तक होती है। आइए जानते हैं कैसे आप घर बैठे इसके लक्षणों को पहचान सकते हैं और खुद को इस जानलेवा बीमारी से बचा सकते हैं।
मुंह के कैंसर के 5 शुरुआती लक्षण
डॉ. शर्मा के अनुसार अगर आप तंबाकू या सिगरेट का सेवन करते हैं तो अपने मुंह के अंदर इन बदलावों पर नजर रखें:
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15 दिन से पुराना छाला: अगर आपके मुंह में कोई ऐसा छाला है जो दवा लेने के बाद भी 15 दिनों से ठीक नहीं हो रहा है तो यह खतरे की घंटी है।
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जीभ पर गांठ या घाव: जीभ के ऊपर या किनारों पर किसी भी तरह की कठोर गांठ महसूस होना या बिना दर्द वाला घाव होना।
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दांतों का हिलना: अगर आपके बाकी दांत मजबूत हैं लेकिन अचानक कोई एक दांत हिलने लगे या मसूड़ों से बिना कारण खून आए।
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मुंह खुलने में दिक्कत: यदि आपका मुंह पहले की तुलना में कम खुल रहा है (अक्सर गुटखा खाने वालों में ऐसा होता है), तो यह कैंसर से पहले की स्थिति (Pre-cancerous) हो सकती है।
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गले या तालू में सूजन: गले के अंदर या मुंह के ऊपरी हिस्से (तालू) में किसी भी प्रकार की गांठ या छाला महसूस होना।

कैंसर के मुख्य कारण: सिर्फ तंबाकू ही नहीं
डॉ. जयेश शर्मा बताते हैं कि कैंसर के पीछे तीन सबसे बड़े कारण हैं:
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तंबाकू और धूम्रपान: गुटखा, खैनी, बीड़ी, सिगरेट और हुक्का। जो लोग तंबाकू के साथ शराब का भी सेवन करते हैं उनमें कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
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शराब का सेवन: बहुत कम लोग जानते हैं कि अल्कोहल भी ओरल कैंसर का एक प्रमुख कारण है।
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टेढ़े-मेढ़े दांत: अगर आपके दांत नुकीले या टेढ़े हैं जो बार-बार जीभ या गाल के अंदरूनी हिस्से पर चोट पहुंचाते हैं तो वह जख्म आगे चलकर कैंसर में बदल सकता है।

कब जाएं डॉक्टर के पास?
डॉ. शर्मा की सलाह है कि डरने की जरूरत नहीं है, हर छाला कैंसर नहीं होता लेकिन अगर कोई भी लक्षण 2 हफ्ते (15 दिन) से ज्यादा बना रहे तो तुरंत किसी ईएनटी (ENT) सर्जन या ऑन्को सर्जन से संपर्क करें। स्टेज 1 और 2 में पहचान होने पर 80 से 90 प्रतिशत लोग पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं।