Edited By Ramanjot,Updated: 27 Jan, 2026 04:55 PM

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 को पूरी तरह अनुशासित और नकल-मुक्त कराने के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं।
नेशनल डेस्क: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 को पूरी तरह अनुशासित और नकल-मुक्त कराने के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि परीक्षा के दौरान समय, नियम और अनुशासन से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी जिला प्रशासन, परीक्षा केंद्रों और केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
समय का पालन जरूरी, 1 घंटा पहले पहुंचना होगा केंद्र
बोर्ड के निर्देश के अनुसार, हर परीक्षार्थी को परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटे पहले अपने निर्धारित परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। इसका मकसद जांच प्रक्रिया को सुचारू बनाना और छात्रों को तनाव-मुक्त माहौल देना है।
30 मिनट पहले बंद होगा मुख्य गेट
बिहार बोर्ड ने साफ किया है कि परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा।
- पहली पाली (सुबह 9:30 बजे): गेट सुबह 9:00 बजे बंद
- दूसरी पाली (दोपहर 2:00 बजे): गेट 1:30 बजे बंद
इसके बाद किसी भी परिस्थिति में प्रवेश नहीं मिलेगा, चाहे वजह ट्रैफिक हो, बस-ट्रेन की देरी हो या कोई निजी कारण। बोर्ड का कहना है कि देर से पहुंचने की पूरी जिम्मेदारी छात्र की होगी।
जबरन एंट्री को माना जाएगा गंभीर अपराध
अगर कोई परीक्षार्थी गेट बंद होने के बाद दीवार फांदकर, जबरदस्ती गेट खुलवाकर या गलत तरीके से केंद्र में घुसने की कोशिश करता है, तो इसे गंभीर अपराध माना जाएगा। ऐसी स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना दी जाएगी और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
2 साल का बैन और FIR, छात्रों के लिए कड़ी सजा
बोर्ड के मुताबिक, जबरन प्रवेश करने वाले छात्र पर ये कार्रवाई तय है:
- अगले 2 वर्षों तक बिहार बोर्ड की किसी भी परीक्षा में शामिल होने पर रोक
- छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज
बोर्ड का मानना है कि सख्ती जरूरी है ताकि परीक्षा की निष्पक्षता बनी रहे और बाकी छात्रों को गलत संदेश न जाए।
केंद्राधीक्षक और स्टाफ भी रडार पर
नियम तोड़ने पर सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्र के अधिकारी भी जिम्मेदार माने जाएंगे। यदि किसी केंद्र पर देर से आए छात्र को प्रवेश या परीक्षा देने की अनुमति दी गई, तो केंद्राधीक्षक को निलंबित किया जाएगा।संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी।
नकल रोकने के लिए कड़े इंतजाम
परीक्षा को पूरी तरह नकल-मुक्त रखने के लिए बोर्ड ने अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। परीक्षा केंद्र के आसपास सख्त निगरानी। मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूर्ण प्रतिबंध। प्रवेश के समय दो-स्तरीय जांच व्यवस्था।
छात्रों के लिए बोर्ड की अपील
बिहार बोर्ड ने सभी परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें, सभी निर्देशों का पालन करें और परीक्षा की गरिमा बनाए रखें।