Edited By Mehak,Updated: 01 Feb, 2026 12:53 PM

आम बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कस्टम ड्यूटी में बदलाव कर कई वस्तुओं को सस्ता करने का ऐलान किया है। कपड़े, जूते, लेदर उत्पाद, दवाएं, मोबाइल बैटरियां और ईवी सस्ते हो सकते हैं। वहीं शराब, स्क्रैप और खनिज महंगे होने की संभावना है। इन...
नेशलन डेस्क : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। यह मोदी सरकार में वित्त मंत्री के तौर पर उनका लगातार नौवां बजट रहा। अपने बजट भाषण में उन्होंने कस्टम ड्यूटी से जुड़ी कई अहम घोषणाएं कीं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। कुछ वस्तुएं सस्ती होंगी, जबकि कुछ चीजों की कीमत बढ़ सकती है।
कस्टम ड्यूटी में क्यों किया गया बदलाव?
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार का फोकस उन वस्तुओं को बढ़ावा देना है, जिनका निर्माण देश में होता है। इसी उद्देश्य से भारत में बनने वाले उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी घटाने का फैसला लिया गया है। इससे घरेलू उद्योग को मजबूती मिलेगी और निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि लेदर और टेक्सटाइल जैसे सेक्टर के निर्यात को ड्यूटी फ्री किया जा रहा है। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में भी बेसिक कस्टम ड्यूटी में राहत दी जाएगी, जिससे स्वदेशी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
ये चीजें होंगी सस्ती
बजट घोषणाओं के बाद कई रोजमर्रा और टेक्नोलॉजी से जुड़े उत्पादों की कीमतों में कमी आने की उम्मीद है। इनमें शामिल हैं -
- कपड़े और टेक्सटाइल उत्पाद
- लेदर और चमड़े से बने आइटम
- सिंथेटिक फुटवियर
- कैंसर और डायबिटीज की 17 जरूरी दवाएं (ड्यूटी फ्री)
- लिथियम-आयन सेल
- मोबाइल फोन की बैटरियां
- सोलर ग्लास
- मिक्स्ड गैस सीएनजी
- इलेक्ट्रिक वाहन (EV)
- माइक्रोवेव ओवन
- विमानों में इस्तेमाल होने वाला ईंधन
- विदेश यात्रा से जुड़ी कुछ लागत
इन वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी घटने से आने वाले समय में इनके दाम कम होने की संभावना है।
इन सेक्टर्स में बढ़ सकती है महंगाई
वहीं कुछ सेक्टर ऐसे भी हैं, जहां कस्टम ड्यूटी बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इससे इन चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं। इनमें प्रमुख रूप से -
- शराब
- स्क्रैप
- खनिज और उनसे जुड़े उत्पाद
आम आदमी पर क्या होगा असर?
कुल मिलाकर बजट 2026 में सरकार ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी और हेल्थ सेक्टर को राहत देने की कोशिश की है। वहीं, कुछ सेक्टर्स में ड्यूटी बढ़ाकर राजस्व बढ़ाने और आयात को नियंत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है। आने वाले दिनों में इन फैसलों का असर बाजार और आम उपभोक्ताओं पर साफ दिखाई देगा।