Edited By Parveen Kumar,Updated: 27 Mar, 2026 06:23 PM

देश में बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों से परेशान लोगों के बीच केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। सरकार ने ईंधन पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की है और अब हर 15 दिन में कीमतों की समीक्षा करने का फैसला लिया है। इसका...
नेशनल डेस्क : देश में बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों से परेशान लोगों के बीच केंद्र सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। सरकार ने ईंधन पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की है और अब हर 15 दिन में कीमतों की समीक्षा करने का फैसला लिया है। इसका मकसद यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का असर सीधे आम लोगों तक पहुंचे।
एक्साइज ड्यूटी में कटौती
सरकार ने पेट्रोल और डीजल दोनों पर 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की है। इसके बाद अब पेट्रोल पर कुल केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी 11.9 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 7.8 रुपये प्रति लीटर रह गई है। यह फैसला तुरंत लागू कर दिया गया है।
क्या है सरकार की नई योजना
सरकार ने फिलहाल “वेट एंड वॉच” की रणनीति अपनाई है। यानी अभी हालात पर नजर रखी जाएगी और जरूरत के अनुसार आगे फैसले लिए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, इस कटौती का सीधा असर अभी रिटेल कीमतों पर नहीं दिखेगा। यह कदम तेल कंपनियों के घाटे (अंडर-रिकवरी) को कम करने के लिए उठाया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने और सप्लाई में दिक्कत के कारण हुआ है।
क्यों लेना पड़ा यह फैसला
मध्य पूर्व में चल रहे तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर दिख रहा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव के चलते कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर असर पड़ने से तेल की कीमतों में तेजी आई है। यह रास्ता दुनिया के 20-25% तेल और गैस के ट्रांसपोर्ट के लिए अहम है। फरवरी के अंत में जहां कच्चा तेल करीब 68 डॉलर प्रति बैरल था, वहीं मार्च की शुरुआत में यह 100 डॉलर पार कर गया और अब 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच चुका है।
भारत पर क्या असर
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है और उसमें से करीब 40-50% तेल इसी रूट से आता है। इसके अलावा कतर और UAE से आने वाली LPG और LNG भी इसी रास्ते से आती है, जो करोड़ों घरों के लिए जरूरी है।
फिलहाल नहीं है कमी
सरकार ने साफ किया है कि देश में अभी तेल और गैस की कोई कमी नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, अगले दो महीनों के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और सप्लाई भी धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
आगे क्या होगा
सरकार अब हर 15 दिन में पेट्रोल-डीजल की कीमतों की समीक्षा करेगी। इससे बाजार की स्थिति के हिसाब से जल्दी फैसले लिए जा सकेंगे।