Edited By Rohini Oberoi,Updated: 21 Jan, 2026 01:19 PM

भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक ऐसी कड़वी सच्चाई सामने आई है जिसे नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है। गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर जिसे सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) कहा जाता है आज देश की हजारों महिलाओं की जान ले रहा है। चौंकाने वाली बात...
Cervical Cancer : भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक ऐसी कड़वी सच्चाई सामने आई है जिसे नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है। गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर जिसे सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) कहा जाता है आज देश की हजारों महिलाओं की जान ले रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि हर 8 मिनट में एक भारतीय महिला इस बीमारी के कारण दम तोड़ रही है जबकि समय पर जांच और वैक्सीन से इसे पूरी तरह रोका जा सकता है।
डराते हैं आंकड़े: ग्रामीण इलाकों में ज्यादा खतरा
एम्स (AIIMS) और आईसीएमआर (ICMR) की ताजा रिपोर्ट ने इस बीमारी की गंभीरता को उजागर किया है। हर साल भारत में लगभग 1.23 लाख नए मामले सामने आते हैं। सालाना करीब 77 हजार महिलाएं इस कैंसर के कारण अपनी जान गंवा देती हैं। जागरूकता और इलाज की कमी के कारण ग्रामीण और गरीब परिवारों की महिलाएं इसकी सबसे बड़ी शिकार बन रही हैं।

आखिर क्यों होता है सर्वाइकल कैंसर?
यह कैंसर मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) के संक्रमण की वजह से होता है। यह वायरस लंबे समय तक शरीर में रहकर गर्भाशय की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और कैंसर का रूप ले लेता है। शुरुआती दौर में इसके लक्षण दिखाई नहीं देते जो इसे और भी खतरनाक बना देता है।
इन 5 लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज
अगर आपको नीचे दिए गए लक्षणों में से कोई भी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
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असामान्य ब्लीडिंग: पीरियड्स के बीच में या शारीरिक संबंध के बाद खून आना।
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लगातार दर्द: पेट के निचले हिस्से या कमर में बना रहने वाला दर्द।
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बदबूदार डिस्चार्ज: योनि से असामान्य और खराब गंध वाला स्राव।
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थकान: बिना किसी खास कारण के अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होना।
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बदलाव: यूरिन पास करते समय दर्द या परेशानी।

बचाव और इलाज: वैक्सीन ही है सुरक्षा कवच
विशेषज्ञों का कहना है कि सही उम्र में टीकाकरण (Vaccination) इस बीमारी को जड़ से खत्म कर सकता है। 9 से 14 साल की लड़कियों के लिए 2 डोज और 15 साल से ऊपर की महिलाओं के लिए 3 डोज जरूरी हैं। भारत में बनी यह वैक्सीन सरकारी केंद्रों पर बेहद किफायती (200-400 रुपये) या मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है। 30 साल की उम्र के बाद हर महिला को पेप स्मीयर (Pap Smear) या HPV DNA टेस्ट जरूर कराना चाहिए।

सरकार का हब और स्पोक मॉडल
सरकार अब पारंपरिक जांच की जगह आधुनिक HPV DNA टेस्ट को गावों तक पहुंचा रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 10 करोड़ से ज्यादा महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। हब और स्पोक मॉडल के जरिए सुनिश्चित किया जा रहा है कि अगर कोई महिला जांच में पॉजिटिव पाई जाती है तो उसे तुरंत बड़े अस्पताल रेफर कर फॉलोअप इलाज दिया जाए।