Edited By Radhika,Updated: 18 Jun, 2026 11:03 AM

चालू चारधाम यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए रुद्रप्रयाग जिला पुलिस ने एक विशेष सुरक्षा अभियान शुरू किया है। इसके तहत पुलिस बल ने प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले केंद्रों और सुरक्षा के लिहाज से...
नेशनल डेस्क: चालू चारधाम यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए रुद्रप्रयाग जिला पुलिस ने एक विशेष सुरक्षा अभियान शुरू किया है। इसके तहत पुलिस बल ने प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले केंद्रों और सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में देर रात पैदल गश्त (फुट पेट्रोलिंग) तेज कर दी है। रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. विशाखा अशोक भदाणे के निर्देशों पर सभी स्थानीय थानों और चौकियों के पुलिसकर्मी अंधेरा होने के बाद मुख्य सार्वजनिक स्थानों पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।
24 घंटें रहेगी निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी देते हुए पुलिस प्रशासन ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी 'धामों' और मुख्य आवागमन मार्गों पर 24 घंटे कड़ी निगरानी रखी जा रही है। "चारधाम यात्रा के मद्देनजर पुलिस सभी धामों में लगातार सुरक्षा अभियान चला रही है। शाम और रात के समय भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिसकर्मी पैदल गश्त कर रहे हैं। इसके अलावा, विभिन्न बैरियरों और चेकपोस्टों पर वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है।" वाहनों की यह चेकिंग दोहरे उद्देश्य से की जा रही है। एक तरफ जहाँ यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई हो रही है, वहीं दूसरी तरफ अवैध सामानों की तस्करी को रोकना भी इसका मुख्य लक्ष्य है। पुलिस टीम शराब, नशीले पदार्थों और अवैध हथियारों जैसी संदिग्ध चीजों की आवाजाही पर कड़ी नजर रख रही है।
होटलों और ढाबों का औचक निरीक्षण
सुरक्षा चक्र को और मजबूत करने के लिए जिला पुलिस स्थानीय ठहरने के स्थानों, जैसे होटलों, लॉज और हाईवे के ढाबों पर औचक निरीक्षण कर रही है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा में कोई चूक न हो, इसके लिए वहां रुकने वाले लोगों के पहचान पत्रों (ID Cards) और एंट्री रजिस्टरों की बारीकी से जांच की जा रही है।
चारधाम यात्रा की पृष्ठभूमि
भारत की सबसे पवित्र धार्मिक यात्राओं में से एक, चारधाम यात्रा की शुरुआत इस साल 22 अप्रैल को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई थी। केदारनाथ मंदिर की वार्षिक यात्रा भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर (उखीमठ) से प्रस्थान के साथ शुरू हुई। अप्रैल 2026 में चारधाम के चारों प्रमुख हिमालयी मंदिरों—यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ—के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे।