ऑपरेशन सिंदूर में PAK को किया था बेनकाब, अब कर्नल सोफिया कुरैशी को मिलेगा ये खास सम्मान

Edited By Updated: 26 Jan, 2026 06:23 AM

colonel sophia qureshi will receive this special honor

भारतीय सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को इस बार गणतंत्र दिवस पर बड़ा और प्रतिष्ठित सम्मान मिलने जा रहा है। 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जारी वीरता पुरस्कारों की सूची में उनका नाम शामिल किया गया है। उन्हें ‘विशिष्ट सेवा मेडल’...

नेशनल डेस्कः भारतीय सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को इस बार गणतंत्र दिवस पर बड़ा और प्रतिष्ठित सम्मान मिलने जा रहा है। 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जारी वीरता पुरस्कारों की सूची में उनका नाम शामिल किया गया है। उन्हें ‘विशिष्ट सेवा मेडल’ (VSM) देने की घोषणा की गई है। यह सम्मान उन्हें उत्कृष्ट और विशेष सेवाओं के लिए दिया जा रहा है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ की बनी थीं चेहरा

जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया गया, तब विदेश सचिव विक्रम मिस्री के शुरुआती बयान के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी ने ही दुनिया के सामने इस ऑपरेशन की पूरी जानकारी रखी थी। उन्होंने भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमि सिंह के साथ मिलकर प्रेस ब्रीफिंग की थी। उस दौरान उनकी नपी-तुली भाषा, स्पष्ट और सटीक जानकारी शांत लेकिन मजबूत व्यक्तित्व ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का खास ध्यान खींचा था।

सैन्य परिवार में जन्म, पढ़ाई में भी रहीं अव्वल

कर्नल सोफिया कुरैशी का जन्म 1974 में गुजरात के वडोदरा में एक सैन्य परिवार में हुआ। उनके दादा भारतीय सेना में धार्मिक शिक्षक थे। वर्ष 1997 में उन्होंने महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री में मास्टर्स डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA), चेन्नई से कमीशन प्राप्त किया। ट्रेनिंग के दौरान ही वे टैक्टिकल रणनीति और सिग्नल इंटेलिजेंस में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए पहचानी जाने लगी थीं।

2016 में रचा इतिहास: पहली महिला कमांडर

कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की पहली महिला अधिकारी हैं, जिन्होंने किसी बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय दल का नेतृत्व किया। वर्ष 2016 में ‘एक्सरसाइज फोर्स 18’ के दौरान जिसमें कई आसियान देश शामिल थे, उन्होंने 40 सदस्यीय भारतीय दल की कमान संभाली।

ऑपरेशन पराक्रम में अहम भूमिका

दिसंबर 2001 में संसद पर हमले के बाद भारत-पाक सीमा पर तनाव बढ़ा था। उस समय पंजाब बॉर्डर पर चलाए गए ‘ऑपरेशन पराक्रम’ में कर्नल सोफिया कुरैशी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस सेवा के लिए उन्हें जीओसी-इन-चीफ का कमेंडेशन कार्ड भी मिला था।

बाढ़ राहत और संयुक्त राष्ट्र मिशन

पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ राहत कार्यों के दौरान संचार व्यवस्था संभालने के लिए उनकी सराहना की गई। वर्ष 2006 से 6 साल तक उन्होंने कांगो में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में सेवा दी। इस अनुभव पर वे कहती हैं, “संघर्ष वाले इलाकों में शांति स्थापित करने का प्रयास करना मेरे लिए गर्व की बात रही है।”

गणतंत्र दिवस 2026: कुल 301 सैन्य अलंकरण

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर सशस्त्र बलों के लिए कुल 301 सैन्य अलंकरणों को मंजूरी दी है। इनमें शामिल हैं:

  • 30 परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM)

  • 4 उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM)

  • 56 अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM)

  • 135 विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) — जिसमें कर्नल सोफिया कुरैशी भी शामिल हैं

महिला नेतृत्व की मजबूत मिसाल

कर्नल सोफिया कुरैशी को मिला यह सम्मान सिर्फ उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारतीय सेना में महिला अधिकारियों की बढ़ती भूमिका, नेतृत्व क्षमता और भरोसे का भी प्रतीक है।

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