पोखरण में IAF का पावर शो: ‘वायुशक्ति’ में दिखी मारक क्षमता, ऑपरेशन सिंदूर की कहानी दोहराई

Edited By Updated: 27 Feb, 2026 09:38 PM

president murmu prachand flight 2026

Indian Air Force ने राजस्थान के Pokhran Firing Range में आयोजित ‘एक्सरसाइज वायुशक्ति-2026’ के दौरान अपनी युद्धक क्षमता का व्यापक प्रदर्शन किया।

नेशनल डेस्क: Indian Air Force ने राजस्थान के Pokhran Firing Range में आयोजित ‘एक्सरसाइज वायुशक्ति-2026’ के दौरान अपनी युद्धक क्षमता का व्यापक प्रदर्शन किया। इस हाई-प्रोफाइल अभ्यास में राष्ट्रपति Droupadi Murmu, रक्षा मंत्री Rajnath Singh और वायुसेना प्रमुख A. P. Singh मौजूद रहे। अभ्यास के दौरान सटीक हमले, लंबी दूरी की स्ट्राइक, रनवे और रडार को निष्क्रिय करने जैसी क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया। यह ड्रिल आधुनिक युद्ध परिस्थितियों में वायुसेना की तैयारी को दर्शाती है।

‘प्रचंड’ में राष्ट्रपति की उड़ान, बढ़ा स्वदेशी ताकत पर भरोसा

अभ्यास से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने Jaisalmer Air Force Station से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में करीब 25 मिनट की उड़ान भरी। यह उनका पहला अटैक हेलीकॉप्टर अनुभव था।

उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर ने रेगिस्तानी इलाके में सिमुलेटेड टारगेट पर अटैक प्रोफाइल को प्रदर्शित किया। राष्ट्रपति ने विजिटर बुक में लिखा कि ‘प्रचंड’ में उड़ान उनके लिए गर्व का क्षण रहा और यह आत्मनिर्भर भारत की रक्षा क्षमताओं का प्रतीक है।

फाइटर जेट्स और मिसाइल सिस्टम का प्रदर्शन

  • अभ्यास में आधुनिक लड़ाकू विमानों और एयर डिफेंस सिस्टम्स ने अपनी ताकत दिखाई:
  • राफेल ने सुपरसोनिक फ्लाईपास्ट और लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता का प्रदर्शन किया।
  • Su-30MKI ने गहराई तक हमला करने और भारी हथियारों के इस्तेमाल की क्षमता दिखाई।
  • Mirage-2000 ने सटीक बमबारी का प्रदर्शन किया।
  • ‘प्रचंड’ और ‘रुद्र’ हेलीकॉप्टरों ने अग्रिम मोर्चों पर हमले की रणनीति दिखाई।
  • Chinook हेलीकॉप्टर ने तोपखाने की तैनाती का प्रदर्शन किया।
  • एयर डिफेंस में S-400 missile system, Akash missile system और स्पाइडर सिस्टम ने लेयर्ड सुरक्षा कवच की झलक पेश की।

ऑपरेशनल तैयारी का संदेश

अभ्यास के दौरान समन्वित कमांड, उन्नत सेंसर और मल्टी-डोमेन ऑपरेशन की क्षमता पर जोर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे युद्धाभ्यास से रणनीति, तकनीक और फोर्सेज के तालमेल की वास्तविक परख होती है। ‘वायुशक्ति-2026’ ने यह संकेत दिया कि भारतीय वायुसेना किसी भी संभावित खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है और आधुनिक युद्ध के हर आयाम में अपनी क्षमता को लगातार मजबूत कर रही है।

Related Story

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!