कांग्रेस ने राजेंद्र पाल गौतम को अनुसूचित जाति विभाग का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया

Edited By Updated: 04 Jun, 2025 01:00 PM

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कांग्रेस ने बुधवार को राजेंद्र पाल गौतम को अपने अनुसूचित जाति विभाग का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार में मंत्री रह चुके गौतम ने...

नेशनल डेस्क: कांग्रेस ने बुधवार को राजेंद्र पाल गौतम को अपने अनुसूचित जाति विभाग का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार में मंत्री रह चुके गौतम ने पूर्व अध्यक्ष राजेश लिलोठिया का स्थान लिया है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गौतम की नियुक्ति की मंजूरी दी है।

राजेंद्र पाल गौतम का राजनीतिक सफर और अनुभव
राजेंद्र पाल गौतम दिल्ली के सीमापुरी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रह चुके हैं। वह वर्ष 2022 तक दिल्ली सरकार में समाज कल्याण मंत्री के पद पर कार्यरत थे। हालांकि, अक्टूबर 2022 में उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ कथित विवादित टिप्पणियों के चलते मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद, गौतम ने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया और 6 सितंबर 2023 को वे कांग्रेस में शामिल हुए।

कांग्रेस को अनुसूचित जाति वर्ग में बढ़ावा देने की रणनीति
राजेंद्र पाल गौतम की नियुक्ति से कांग्रेस को अनुसूचित जाति वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करने की उम्मीद है। गौतम की राजनीतिक सक्रियता और अनुभव संगठन के लिए लाभकारी माने जा रहे हैं। उनकी यह भूमिका कांग्रेस के दलित समुदाय के प्रति समर्थन को और अधिक व्यापक बनाएगी।

पूर्व अध्यक्ष राजेश लिलोठिया का कार्यकाल समाप्त
राजेश लिलोठिया के स्थान पर गौतम की नियुक्ति से विभाग में नई ऊर्जा और दिशा आने की संभावना जताई जा रही है। लिलोठिया के कार्यकाल में संगठन ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे, अब गौतम के नेतृत्व में विभाग नए सिरे से काम करेगा।

भविष्य की योजनाएं और प्राथमिकताएं
गौतम ने कहा है कि वे दलितों के अधिकारों की रक्षा और उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए कांग्रेस के प्रयासों को गति देंगे। वे अनुसूचित जाति विभाग को अधिक सक्रिय और प्रभावशाली बनाने पर जोर देंगे, ताकि दलित वर्ग को राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बेहतर प्रतिनिधित्व मिल सके।

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