Edited By Prachi Sharma,Updated: 10 Jan, 2026 12:17 PM

Ardh Kumbh 2027 : हरिद्वार में 2027 के अर्धकुंभ मेले को लेकर शुक्रवार को डामकोठी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले को दिव्य और भव्य तरीके से आयोजित करने के लिए...
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Ardh Kumbh 2027 : हरिद्वार में 2027 के अर्धकुंभ मेले को लेकर शुक्रवार को डामकोठी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले को दिव्य और भव्य तरीके से आयोजित करने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद निरंजनी के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि अखाड़ों का मुख्य उद्देश्य कुंभ मेले का आयोजन सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि पूरा देश हरिद्वार के कुंभ मेले की ओर बड़ी उम्मीदों से देख रहा है और उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा कुंभ की तैयारियों की सराहना की।
बैठक के दौरान कुंभ मेले की तिथियों की घोषणा भी की गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मेले में संतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और प्रशासन सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि मेले की व्यवस्थाएं भव्य और सुव्यवस्थित होंगी। मुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि अर्धकुंभ का शुभारंभ 13 जनवरी 2027, मकर संक्रांति के दिन से होगा।
स्नान और अमृत स्नान की तिथियां
बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने 2027 के अर्धकुंभ मेले के दौरान होने वाले प्रमुख स्नानों की तिथियां घोषित की हैं। जनवरी से अप्रैल तक चलने वाले इस महापर्व में पहली बार साधु-संतों के साथ चार अमृत स्नान आयोजित किए जाएंगे। यह कदम सदियों पुरानी परंपरा में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
प्रमुख पर्व स्नान तिथियां:
14 जनवरी 2027 — मकर संक्रांति
6 फरवरी 2027 — मौनी अमावस्या
11 फरवरी 2027 — बसंत पंचमी
20 फरवरी 2027 — माघ पूर्णिमा
चार अमृत स्नान:
6 मार्च 2027 — महाशिवरात्रि (पहला अमृत स्नान)
8 मार्च 2027 — सोमवती/फाल्गुन अमावस्या (दूसरा अमृत स्नान)
14 अप्रैल 2027 — मेष संक्रांति/वैशाखी (तीसरा अमृत स्नान)
20 अप्रैल 2027 — चैत्र पूर्णिमा (चौथा अमृत स्नान)
अन्य विशेष धार्मिक अवसर:
7 अप्रैल — नव संवत्सर
15 अप्रैल — राम नवमी
संतों और अखाड़ों ने इन तिथियों की घोषणा पर प्रसन्नता व्यक्त की है और कहा कि ये निर्णय अर्धकुंभ को और भी खास और श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाएंगे।