Edited By Radhika,Updated: 18 Jun, 2026 05:15 PM

उत्तराखंड कांग्रेस के नेता धीरेंद्र प्रताप द्वारा कांग्रेस नेताओं की तुलना सिख धर्म के पूजनीय 'पंज प्यारे' से किए जाने के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस बयान को लेकर सिख समुदाय और विभिन्न धार्मिक संगठनों में गहरा आक्रोश है। आलोचकों का कहना है...
नेशनल डेस्क: उत्तराखंड कांग्रेस के नेता धीरेंद्र प्रताप द्वारा कांग्रेस नेताओं की तुलना सिख धर्म के पूजनीय 'पंज प्यारे' से किए जाने के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस बयान को लेकर सिख समुदाय और विभिन्न धार्मिक संगठनों में गहरा आक्रोश है। आलोचकों का कहना है कि यह केवल एक असंवेदनशील बयान नहीं है, बल्कि सिख इतिहास, धार्मिक आस्था और महान बलिदानों का सीधा अपमान है। इस पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने ट्वीट किया है।
पंज प्यारों की महान विरासत का हवाला दिया
धार्मिक जानकारों और सिख प्रतिनिधियों ने इस तुलना पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा है कि दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने 'पंज प्यारों' की स्थापना सर्वोच्च समर्पण, साहस, धर्मनिष्ठा और धर्म की रक्षा के लिए किए गए निस्वार्थ बलिदान के प्रतीक के रूप में की थी। ऐसे में केवल राजनीतिक चाटुकारिता और अपने नेताओं को खुश करने के लिए सिख धर्म की सबसे पवित्र परंपराओं में से एक को इस तरह तुच्छ बनाना बेहद निंदनीय है। आरोप लगाया जा रहा है कि आस्था को एक राजनीतिक उपकरण की तरह इस्तेमाल करने का प्रयास किया गया है।

कांग्रेस की विरासत पर उठे सवाल
इस विवाद के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर भी चौतरफा हमले शुरू हो गए हैं। आलोचकों का दावा है कि कांग्रेस का सिख भावनाओं को आहत करने का एक लंबा इतिहास रहा है और धीरेंद्र प्रताप की यह टिप्पणी उसी दुर्भाग्यपूर्ण विरासत का हिस्सा है। राजनीतिक गलियारों से मांग उठ रही है कि कांग्रेस पार्टी को इस गंभीर चूक के लिए तुरंत और बिना किसी शर्त के पूरे सिख समाज से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही, सिख गुरुओं और उनकी पवित्र परंपराओं को राजनीतिक प्रचार या दलगत नारों का साधन बनाना बंद करना चाहिए।
पंजाब कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की चुप्पी पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब पंजाब कांग्रेस के बड़े चेहरों की भूमिका पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। सवाल पूछा जा रहा है कि क्या पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी इस आपत्तिजनक टिप्पणी की खुलकर निंदा करेंगे? राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अब यह देखना अहम होगा कि पंजाब के ये दिग्गज नेता धीरेंद्र प्रताप से माफी की मांग करते हैं या फिर अपनी ही पार्टी के नेता के इस बयान पर मौन साधे रहते हैं।