Edited By Sanjeev,Updated: 26 Oct, 2026 08:19 AM

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को बताया कि चक्रवात 'अर्नब' पिछले छह घंटों में पूर्वी-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। इसके एक 'भीषण चक्रवाती तूफान' (severe cyclonic storm) में...
विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को बताया कि चक्रवात 'अर्नब' पिछले छह घंटों में पूर्वी-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। इसके एक 'भीषण चक्रवाती तूफान' (severe cyclonic storm) में तब्दील होकर 28 अक्टूबर के आसपास आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है।
IMD की भुवनेश्वर इकाई ने एक आधिकारिक बयान में कहा, 'इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने, और अधिक तीव्र होकर एक 'बहुत भीषण चक्रवाती तूफान' (very severe cyclonic storm) में बदलने की प्रबल संभावना है। 28 अक्टूबर 2026 की सुबह तक यह आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंच सकता है। इसके 28 अक्टूबर 2026 की दोपहर से पहले एक 'बहुत भीषण चक्रवाती तूफान' के रूप में बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यनम तटों को पार करने की पूरी संभावना है। इस दौरान हवा की गति 115-125 किमी प्रति घंटा हो सकती है जो झोंकों के साथ 140 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।'
बंगाल की खाड़ी में बने 'डीप डिप्रेशन' (गहरे दबाव के क्षेत्र) के बारे में अपडेट देते हुए बताया गया कि 25 अक्टूबर की रात 11:00 बजे तक यह तूफान उसी क्षेत्र में केंद्रित था और आंध्र प्रदेश तथा ओडिशा के तटों की ओर बढ़ रहा है। IMD ने कहा, 'पूर्वी-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना 'डीप डिप्रेशन' पिछले 6 घंटों के दौरान 15 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा है। कल 25 अक्टूबर, 2026 को रात 11:30 बजे (IST) यह उसी क्षेत्र में, लगभग 15.3°N अक्षांश के पास केंद्रित था।'
IMD की भुवनेश्वर इकाई ने एक आधिकारिक बयान में कहा, 'देशांतर 89.7°E पर, यह चक्रवात श्री विजय पुरम (अंडमान द्वीप समूह) से लगभग 520 किमी उत्तर-उत्तरपश्चिम, विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 730 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व, काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) से 820 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व, मछलीपट्टनम (आंध्र प्रदेश) से 920 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व और बापटला (आंध्र प्रदेश) से 990 किमी पूर्व में स्थित है।'
मौसम विभाग का अनुमान है कि यह चक्रवाती तूफान 75 किमी प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ता रहेगा। 27 अक्टूबर (मंगलवार) को हवा की गति बढ़कर 100-125 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे यह एक 'बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान' (very severe cyclonic storm) का रूप ले लेगा। इसके बाद हवा की गति कम होते हुए यह तूफान उत्तर दिशा की ओर बढ़ जाएगा। तमिलनाडु में चक्रवात की चेतावनी के कारण मशीनी नावों वाले मछुआरे समुद्र में नहीं गए हैं। थूथुकुडी जिले के लिए जारी चक्रवात चेतावनी के मद्देनजर एहतियात के तौर पर मछुआरों ने आज मछली पकड़ने के लिए समुद्र में जाने से परहेज किया।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को 'हाई अलर्ट' पर रहने और चक्रवात 'अरनाब' के असर को कम करने के लिए हर स्तर पर पूरी तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मौसम विभाग द्वारा खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। सोमवार को यहां हुई एक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नायडू ने जिला प्रशासन को कंट्रोल रूम स्थापित करने और जनता को समय-समय पर जरूरी दिशा-निर्देश देने को कहा।
ओडिशा भी चक्रवात 'अरनाब' के असर से निपटने की तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि राज्य सरकार ने चक्रवात के संभावित प्रभावों की समीक्षा कर ली है और विभिन्न विभागों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी हैं, ताकि चक्रवात के तट से टकराने से पहले पूरी तैयारी सुनिश्चित की जा सके।