दिल्ली में हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में, अगले 9 दिनों तक राहत की संभावना नहीं

Edited By Updated: 23 Oct, 2026 10:31 PM

air quality in delhi in the  poor  category no relief expected for the next 9 d

राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में दर्ज की गई और अगले नौ दिनों के दौरान इसमें किसी सुधार की संभावना नहीं है। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 230 दर्ज...

नेशनल डेस्क : राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में दर्ज की गई और अगले नौ दिनों के दौरान इसमें किसी सुधार की संभावना नहीं है। आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 230 दर्ज किया गया। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 से 100 को 'संतोषजनक', 101 से 200 को 'मध्यम', 201 से 300 को 'खराब', 301 से 400 को 'बहुत खराब' और 401 से 500 को 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 'समीर' ऐप के अनुसार, शहर के 56 निगरानी केंद्रों में से तीन केंद्रों पर वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज की गई, जिसमें पूसा में सबसे अधिक 324 एक्यूआई दर्ज किया गया। जहां 36 केंद्रों में वायु गुणवत्ता 'खराब' दर्ज की गई, वहीं शेष 17 केंद्रों से प्राप्त एक्यूआई के आंकड़े 'मध्यम' श्रेणी में रहे। वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के अनुसार, 23 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में रहने की संभावना है। इसके बाद के अगले छह दिनों तक भी स्थिति में किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है।

आईआईटीएम पुणे की 'दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली' के अनुसार, शहर के वायु प्रदूषण में परिवहन क्षेत्र की हिस्सेदारी 20.3 प्रतिशत रही। इसके बाद आवासीय स्रोतों की हिस्सेदारी 5.2 प्रतिशत, उद्योगों की 4.2 प्रतिशत, निर्माण कार्यों की 2.6 प्रतिशत, ऊर्जा की दो प्रतिशत, कचरा जलाने की 1.8 प्रतिशत, सड़कों की धूल की 1.4 प्रतिशत और अन्य क्षेत्रों की 1.3 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के जिलों में, दिल्ली के प्रदूषण में गुरुग्राम की हिस्सेदारी सबसे अधिक 8.8 प्रतिशत रही, जिसके बाद झज्जर 6.1 प्रतिशत और गौतमबुद्ध नगर 4.7 प्रतिशत पर रहे।

आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली के प्रदूषण में गाजियाबाद की हिस्सेदारी 3.7 प्रतिशत, सोनीपत की 3.5 प्रतिशत, फरीदाबाद की 3.3 प्रतिशत, पानीपत की 2.8 प्रतिशत, अलवर की 2.4 प्रतिशत, बागपत की 2.1 प्रतिशत, रोहतक की दो प्रतिशत, रेवाड़ी की 1.8 प्रतिशत, बुलंदशहर और भिवानी की 0.8-0.8 प्रतिशत, महेंद्रगढ़ की 0.7 प्रतिशत तथा करनाल की 0.6 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली के अनुसार, पराली जलाने की हिस्सेदारी 5.1 प्रतिशत रही, जबकि अन्य स्रोतों की हिस्सेदारी 9.5 प्रतिशत रही।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पालम में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस रहा।

लोधी रोड में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रिज स्टेशन में अधिकतम तापमान 31.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि आयानगर में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने शनिवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान जताया है, जिसमें अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। 

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