Edited By Anu Malhotra,Updated: 18 Feb, 2026 01:21 PM

राजधानी दिल्ली में अपना एक घर होना किसी सुनहरे सपने से कम नहीं है, लेकिन आसमान छूती कीमतें अक्सर इस सपने में रोड़ा अटकाती थीं। अब दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने घर खरीदारों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अगर आप भी दिल्ली...
नेशनल डेस्क: राजधानी दिल्ली में अपना एक घर होना किसी सुनहरे सपने से कम नहीं है, लेकिन आसमान छूती कीमतें अक्सर इस सपने में रोड़ा अटकाती थीं। अब दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने घर खरीदारों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अगर आप भी दिल्ली में सिर ढकने की छत तलाश रहे हैं, तो आपके लाखों रुपये बचने वाले हैं, क्योंकि DDA ने अब फ्लैट की कीमतों से एक बड़ा बोझ पूरी तरह हटा दिया है।
पार्किंग के 'लाखों' के खर्च से मिली आजादी
DDA ने अपनी आवास योजनाओं को आम आदमी के बजट में लाने के लिए पार्किंग चार्ज (Parking Charges) को पूरी तरह खत्म करने का निर्णय लिया है। अब तक HIG और MIG फ्लैट्स खरीदने वालों को फ्लैट की मूल कीमत के अलावा पार्किंग स्पेस के लिए अलग से लाखों रुपये की मोटी रकम चुकानी पड़ती थी। नए फैसले के तहत, अब खरीदारों को फ्लैट के साथ मिलने वाली पार्किंग के लिए एक भी अतिरिक्त पैसा नहीं देना होगा। यह नियम 'पहले आओ, पहले पाओ' वाली योजनाओं और भविष्य की सभी नई स्कीमों पर तुरंत प्रभाव से लागू होगा।
जेब पर पड़ेगा कितना असर?
पार्किंग शुल्क हटने का सीधा मतलब है आपकी सीधी बचत। आंकड़ों के लिहाज से समझें तो HIG (High Income Group) फ्लैट खरीदने वालों को अब 5 से 10 लाख रुपये तक की बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, MIG (Middle Income Group) फ्लैट्स के खरीदारों की जेब में 2 से 5 लाख रुपये तक की बचत होगी। इसके अलावा LIG और EWS श्रेणी के छोटे फ्लैट्स में भी मेंटेनेंस और पार्किंग से जुड़े छोटे शुल्कों में बदलाव कर उन्हें और किफायती बनाया गया है। इस कटौती का सीधा असर आपके डाउन पेमेंट और बैंक से ली जाने वाली होम लोन की ईएमआई (EMI) पर पड़ेगा, जो अब पहले के मुकाबले काफी कम हो जाएगी।
आखिर क्यों मेहरबान हुआ DDA?
विशेषज्ञों की मानें तो यह फैसला सिर्फ राहत देने के लिए नहीं, बल्कि मार्केट में अपनी धाक जमाने के लिए भी लिया गया है। नरेला और द्वारका जैसे इलाकों में DDA के कई फ्लैट्स पार्किंग और अन्य 'हिडन चार्जेस' की वजह से प्राइवेट बिल्डरों के मुकाबले महंगे पड़ रहे थे। अपनी इन्वेंट्री (बिना बिके फ्लैट्स) को जल्द से जल्द बेचने और निजी रियल एस्टेट दिग्गजों को कड़ी टक्कर देने के लिए DDA ने इन छिपे हुए शुल्कों को हटाने का दांव खेला है। लंबे समय से ग्राहकों की मांग थी कि फ्लैट की कीमत पारदर्शी होनी चाहिए, जिसे अब प्राधिकरण ने स्वीकार कर लिया है।