Ration card new rules: इन 7 कैटेगरी वाले लोगों को नहीं मिलेगा नया राशन कार्ड, जानें नए नियम

Edited By Updated: 13 Feb, 2026 03:40 PM

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देश की राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक समावेशी और पारदर्शी बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने 'दिल्ली फूड सिक्योरिटी रूल्स, 2026' की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके तहत राशन कार्ड...

नेशनल डेस्क: देश की राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और अधिक समावेशी और पारदर्शी बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने 'दिल्ली फूड सिक्योरिटी रूल्स, 2026' की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके तहत राशन कार्ड बनवाने के पात्रता मानदंडों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव परिवार की सालाना आय सीमा को लेकर है, जिसे अब 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.2 लाख रुपये कर दिया गया है।

इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट, 2013 के लाभों को अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक पहुँचाना और प्रणाली में मौजूद खामियों को दूर करना है।

डिजिटल होगा आवेदन, दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति
नए नियमों के अनुसार, अब राशन कार्ड बनवाने की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया गया है। आवेदकों को अब सरकारी दफ्तरों की कतारों में लगने की जरूरत नहीं होगी; वे अपने मोबाइल या लैपटॉप के जरिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, आवेदन के साथ दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग द्वारा जारी वैध आय प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की कड़ी जांच की जाएगी ताकि केवल जरूरतमंदों को ही इसका लाभ मिले।

कौन नहीं बन पा सकेंगे राशन कार्ड? (अपात्रता की शर्तें)
सरकार ने कुछ सख्त मानक तय किए हैं, जिनके दायरे में आने वाले परिवारों को राशन कार्ड की सुविधा नहीं मिलेगी:

  1. जिन परिवारों की कुल वार्षिक आय 1.2 लाख रुपये से अधिक है।
  2. यदि परिवार का कोई भी सदस्य आयकर (Income Tax) भरता है।
  3. जिनके पास अपनी निजी संपत्ति (A से E कैटेगरी में) है।
  4. जिनके पास निजी चार पहिया वाहन (कार) है। हालांकि, आजीविका के लिए इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल वाहनों पर यह रोक लागू नहीं होगी।
  5. जिनके घर में 2 किलोवाट से अधिक क्षमता का बिजली कनेक्शन है।
  6. सरकारी या अर्ध-सरकारी संस्थानों में कार्यरत व्यक्ति।
  7. जो परिवार पहले से ही किसी अन्य सरकारी खाद्य सब्सिडी योजना का लाभ ले रहे हैं।

महिला सशक्तिकरण: घर की महिला ही होगी मुखिया
सामाजिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, नए नियमों में घर की सबसे बुजुर्ग महिला को ही 'परिवार का मुखिया' माना गया है। यदि परिवार की सबसे बड़ी महिला की आयु 18 वर्ष से कम है, तो घर के पुरुष सदस्य को तब तक मुखिया माना जाएगा जब तक वह महिला बालिग नहीं हो जाती। 18 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही वह महिला स्वतः घर की मुखिया बन जाएगी।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रिया
ऑनलाइन आवेदन करते समय परिवारों को निम्नलिखित विवरण देने होंगे:

  • परिवार के सभी सदस्यों की आधार कार्ड डिटेल्स।
  • वैध निवास प्रमाण पत्र (Residential Proof)।
  • राजस्व विभाग द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र।
  • पुराने राशन कार्ड का विवरण (यदि कोई हो)।
  • एक स्व-घोषणा पत्र (Self-Declaration), जिसमें यह प्रमाणित करना होगा कि परिवार अपात्रता की किसी भी श्रेणी में नहीं आता है।

जांच और शिकायत निवारण तंत्र
आवेदनों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया जाएगा। इस कमेटी की अध्यक्षता डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (DM) करेंगे और इसमें संबंधित क्षेत्र के दो विधायक, एसडीएम और फूड एंड सप्लाई विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर शामिल होंगे।

इसके साथ ही, शिकायतों के निपटारे के लिए 'टू-टियर' सिस्टम बनाया गया है। गंभीर और जरूरी शिकायतों का समाधान 24 घंटे के भीतर किया जाएगा, जबकि अन्य सामान्य शिकायतों का निपटारा अधिकतम 15 दिनों में करना अनिवार्य होगा। यदि निचले स्तर पर समाधान नहीं होता है, तो एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) स्तर के अधिकारी मामले की समीक्षा करेंगे। रिक्तियों के आवंटन के लिए वोटरों की संख्या को आधार बनाया जाएगा और 20% प्रतीक्षा सूची (Waiting List) का भी प्रावधान रखा गया है।

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