झुग्गी झोपड़ी बस्ती के बच्चों ने तस्वीरों के जरिए दिखाए दिल्ली के रंग

Edited By Updated: 18 Aug, 2016 03:41 PM

delhi photography ihc

दिल्ली की झुग्गी झोपड़ी बस्ती में रह रहे बच्चों ने कैमरे की आंखों से शहर के जीवन को दिखाने की कोशिश की है।

नई दिल्ली: दिल्ली की झुग्गी झोपड़ी बस्ती में रह रहे बच्चों ने कैमरे की आंखों से  शहर के जीवन को दिखाने की कोशिश की है। इन बच्चों ने जो तस्वीरें खिंची हैं उनमंे दिल्ली की झुग्गी झोपड़ी के बच्चों का शहर में जीवन जीने का तरीका पता चलता है। ‘माई सिटी थ्रू माई आईज’ हैबिटैट फोटोस्फेयर का ही एक हिस्सा है। साल भर चलने वाले इस फोटोग्राफी महोत्सव की शुरूआत इंडिया हैबिटैट सेंटर (आईएचसी) ने ‘सेव द चिल्ड्रेन’ के साथ मिल कर की और इसे मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर 30 सितंबर तक देखा जा सकता है।
 
‘सेव द चिल्ड्रेन’ के नए वैश्विक अभियान ‘एवरी लास्ट चाइल्ड’ के साथ शुरू की, इस प्रदर्शनी में जहांगीरपुरी, श्रीनिवासपुरी और मदनपुर खादर (उत्तर एवं दक्षिण पूर्व दिल्ली) की झुग्गी झोपड़ी बस्तियों में रह रहे बच्चों की नजर से शहर को दिखाया गया है।  इन तस्वीरों में कुछ गंभीर शहरी चुनौतियां भी नजर आती हैं, मसलन स्वच्छ पेयजल की कमी, औद्योगिक कचरे से पुनर्वास कॉलोनियों के लिए उभरते खतरे, शिक्षा एवं स्वास्थ्य का स्तर और बच्चों के लिए खेलने की माकूल जगहों की कमी। 
 
हैबिटैट फोटोस्फेयर की कला निर्देशक और क्यूरेटर अलका पांडे ने बताया, ‘‘फोटोस्फेयर महोत्सव की मुख्य थीम सतत विकास है और इस प्रदर्शनी को इनके साथ बड़ी खूबसूरती से पिरोया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह प्रदर्शनी रेखांकित करती है कि पर्यावरणीय खतरे सभी को प्रभावित करते हैं। बहरहाल, सबसे संवेदनशील सड़कों और अनधिकृत कॉलोनियों में रह रहे बच्चे एवं परिवार हैं।’’
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!