Edited By Mehak,Updated: 24 Mar, 2026 03:18 PM

पेशाब में खून आना एक गंभीर संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मेडिकल भाषा में इसे हेमैच्यूरिया कहा जाता है। इसके कारण किडनी स्टोन, यूरिन इन्फेक्शन या प्रोस्टेट समस्या हो सकते हैं, लेकिन यह ब्लैडर या किडनी कैंसर का शुरुआती लक्षण भी हो...
नेशनल डेस्क : पेशाब में खून दिखाई देना एक ऐसा लक्षण है जो किसी भी व्यक्ति को चिंतित कर सकता है। कई बार लोग इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, खासकर तब जब यह अपने आप ठीक हो जाए। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि ऐसा करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। इसलिए समय रहते इसकी जांच कराना बेहद जरूरी है।
पेशाब में खून क्यों आता है
मेडिकल भाषा में इसे हेमैच्यूरिया कहा जाता है, जब किडनी, यूरिनरी ट्रैक्ट या ब्लैडर से खून के लाल कण पेशाब में आ जाते हैं। यह समस्या दो तरह की हो सकती है - एक जिसमें खून साफ दिखाई देता है और दूसरी जिसमें इसका पता सिर्फ जांच से चलता है। अगर बिना दर्द के पेशाब में खून दिखे, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
सामान्य कारण भी हो सकते हैं
हर बार यह जरूरी नहीं कि यह किसी गंभीर बीमारी या कैंसर का संकेत हो। इसके पीछे किडनी स्टोन, यूरिन इन्फेक्शन, प्रोस्टेट का बढ़ना या किडनी से जुड़ी अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो या बिना किसी दर्द के दिखाई दे, तो इसे अनदेखा करना सही नहीं है।
कैंसर से जुड़ा खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, पेशाब में खून आना ब्लैडर कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है। इस स्थिति में यूरिन का रंग गुलाबी, नारंगी या गहरा लाल हो सकता है। इसके अलावा किडनी कैंसर में भी यह लक्षण दिखाई दे सकता है, जिसके साथ पीठ दर्द, वजन कम होना और कमजोरी जैसे लक्षण भी नजर आते हैं। प्रोस्टेट कैंसर के उन्नत चरण में भी यह समस्या देखी जा सकती है। धूम्रपान करने वाले लोगों में इसका खतरा और अधिक होता है।
जांच और इलाज की जरूरत
इस समस्या में समय पर जांच कराना सबसे महत्वपूर्ण है। डॉक्टर आमतौर पर यूरिन टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन या सिस्टोस्कोपी जैसी जांच कराने की सलाह देते हैं। इससे बीमारी के सही कारण का पता लगाया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना दर्द के पेशाब में खून दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, ताकि किसी गंभीर बीमारी को शुरुआती चरण में ही पकड़ा जा सके और उसका इलाज आसानी से हो सके।