एक भक्त ऐसा भी! मंदिर में चढ़ाया 121 किलो सोना, कीमत 140 करोड़ रुपए

Edited By Updated: 20 Aug, 2025 05:29 PM

devotee offers 121 kg gold at tirupati temple

आंध्र प्रदेश के विश्वप्रसिद्ध तिरुमाला तिरुपति मंदिर को एक श्रद्धालु ने श्रद्धा के रूप में 121 किलो सोना दान किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 140 करोड़ रुपए बताई जा रही है। यह जानकारी राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने एक कार्यक्रम के...

नेशनल डेस्क: आंध्र प्रदेश के विश्वप्रसिद्ध तिरुमाला तिरुपति मंदिर को एक श्रद्धालु ने श्रद्धा के रूप में 121 किलो सोना दान किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 140 करोड़ रुपए बताई जा रही है। यह जानकारी राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने एक कार्यक्रम के दौरान साझा की।

भक्त ने प्रार्थना के बाद शुरू किया था व्यवसाय

गुंटूर जिले के मंगलागिरी में गरीबी उन्मूलन से जुड़ी एक परियोजना के कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए मुख्यमंत्री नायडू ने बताया कि यह श्रद्धालु पहले तिरुपति मंदिर में आकर अपने व्यापार के लिए प्रार्थना करने आया था। इसके बाद उसने कारोबार शुरू किया और उसे बड़ी सफलता मिली। भक्त ने अपनी कंपनी के कुछ शेयर बेचकर 6,000 से 7,000 करोड़ रुपए का लाभ कमाया। इसी आभार में उसने मंदिर को 121 किलो सोना दान करने का फैसला किया।

श्री वेंकटेश्वर स्वामी के प्रति आस्था का परिचय

मुख्यमंत्री के अनुसार, भक्त का कहना है कि उसे यह धन श्री वेंकटेश्वर स्वामी की कृपा से प्राप्त हुआ। वर्तमान में मंदिर की मूर्ति को प्रतिदिन लगभग 120 किलो सोने के आभूषणों से सजाया जाता है। भक्त ने जब यह जाना, तो उसने इतने ही वजन का सोना मंदिर को दान देने का संकल्प लिया।

पहले भी हुए हैं बड़े दान

  • तिरुपति मंदिर को पहले भी बड़े-बड़े दान मिल चुके हैं।
  • मई 2025 में उद्योगपति संजीव गोयनका ने 3.63 करोड़ रुपए मूल्य का हीरा जड़ा सोने का हार दान किया था।
  • जुलाई 2025 में चेन्नई की कंपनी सुदर्शन एंटरप्राइजेज ने 2.5 किलो सोना दान किया, जिसकी कीमत करीब 2.4 करोड़ रुपए थी।
  • जनवरी 2025 में रिटायर्ड आईआरएस अधिकारी वाईवीएसएस भास्कर राव ने करीब 3.66 करोड़ रुपए की संपत्ति मंदिर ट्रस्ट को सौंपी थी।

हर वर्ग के भक्त करते हैं दान

तिरुपति मंदिर न केवल भारत के बल्कि दुनिया के सबसे प्रसिद्ध और धनवान मंदिरों में गिना जाता है। यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं- कोई मनौती मांगने तो कोई पूर्ण होने पर आभार जताने। अमीर हो या गरीब, हर वर्ग के लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार मंदिर में दान करते हैं। राज्य सरकार और तिरुपति देवस्थानम मिलकर दर्शनार्थियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं- जैसे परिवहन, भोजन, और रुकने की व्यवस्था- सुनिश्चित करते हैं।

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