Edited By Sahil Kumar,Updated: 24 Mar, 2026 05:31 PM

ग्लोबल मार्केट में उथल-पुथल के बीच मार्च 2026 में सोने की कीमतों में करीब 20% की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज हुई है। केवल 25 दिनों में यह सबसे तेज़ और बड़ी गिरावट साबित हुई, जो पिछले 50 सालों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ रही है। विशेषज्ञ इसे 1975 के सोने के...
नेशनल डेस्कः ग्लोबल मार्केट में उथल-पुथल के बीच सोना निवेशकों के लिए संकट बन गया है। मार्च 2026 में सोने की कीमतों में केवल 25 दिनों में करीब 20% की भारी गिरावट आई, जो पिछले 50 सालों में किसी भी महीने की सबसे बड़ी गिरावट साबित हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति 1975 में आए बड़े सोने के बाजार संकट की याद दिला रही है।
अमेरिका के फैसले ने मचाया था हड़कंप
जनवरी 1975 में अमेरिकी सरकार ने निजी तौर पर सोना रखने पर लगे प्रतिबंध को हटाया। यह उम्मीद जताई जा रही थी कि इस फैसले के बाद सोने की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी। लेकिन इसके उलट अंतरराष्ट्रीय बाजार में केवल एक हफ्ते के भीतर सोने की कीमत $197 से गिरकर $167 प्रति औंस तक आ गई। भारत में भी 10 ग्राम सोने की कीमत में लगभग ₹20-30 की गिरावट देखी गई। उस समय के हिसाब से यह गिरावट बड़ा झटका मानी जाती थी, क्योंकि औसत मासिक वेतन ₹300-500 के बीच था।
28 फरवरी से घट रहे दाम

मार्च के महीने में 20% की गिरावट
मार्च 2026 की गिरावट ने इतिहास रच दिया है। पिछले 25 दिनों में सोने की लगातार बिकवाली ने इसे सुरक्षित निवेश की जगह जोखिम वाले निवेश में बदल दिया। केवल मार्च के महीने में 20% की गिरावट ने उन निवेशकों को चिंता में डाल दिया है जिन्होंने ऊँची कीमतों पर सोना खरीदा था। जनवरी 2026 के अंत में भी एक ही दिन में 10% की गिरावट देखी गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि 1978, 1980, 1983 और 2008 जैसे रिकॉर्ड गिरावट वाले महीनों की तुलना में भी यह सबसे तेज़ और गहरी गिरावट है।