Edited By Anu Malhotra,Updated: 28 May, 2026 01:08 PM

एक नए अध्ययन में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के कुछ सबसे ठंडे गड्ढों (crater) के नीचे बर्फ मौजूद होने के मजबूत संकेत मिलने का दावा किया गया है। अध्ययन में ''डबल शैडोड क्रेटर्स'' पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया, जो चंद्रमा के स्थायी रूप से...
नेशनल डेस्क: एक नए अध्ययन में चंद्रमा के south polar क्षेत्र के कुछ सबसे ठंडे गड्ढों (crater) के नीचे बर्फ मौजूद होने के मजबूत संकेत मिलने का दावा किया गया है। अध्ययन में Double Shadowed Craters पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया, जो चंद्रमा के स्थायी रूप से छायायुक्त क्षेत्रों (psr) के भीतर स्थित विशेष प्रकार के गड्ढे हैं।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि इस अध्ययन के निष्कर्ष भविष्य के चंद्र अभियानों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इससे भविष्य में, पृथ्वी के एकमात्र उपग्रह की सतह पर उतरने के संभावित स्थलों और स्थानीय संसाधन उपयोग गतिविधियों के लिए बर्फ युक्त क्षेत्रों की पहचान में मदद मिल सकती है। यह अध्ययन अहमदाबाद स्थित फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी (PRL) के वैज्ञानिकों ने किया है।
विश्लेषण के लिए वैज्ञानिकों ने Chandrayaan-2 Orbiter के 'Dual Frequency Synthetic Aperture Radar' (DFSAR) से प्राप्त आंकड़ों का अध्ययन किया। यह एक प्रकार की मानचित्रण तकनीक है, जिसमें दो अलग-अलग रेडियो तरंग आवृत्तियों का उपयोग कर सतह की विस्तृत तस्वीरें ली जाती हैं। इसरो ने कहा कि स्थायी रूप से छायायुक्त क्षेत्र लगातार सूर्य के प्रकाश और ऊष्मीय विकिरण से सुरक्षित रहने के कारण अत्यधिक ठंडे बने रहते हैं। यही वजह है कि इन्हें लंबे भू-वैज्ञानिक कालखंड तक जल-बर्फ को सुरक्षित रखने के लिए अनुकूल माना जाता है।