Edited By Parveen Kumar,Updated: 13 Feb, 2026 07:35 PM

भारतीय पासपोर्ट को लेकर इस साल अच्छी खबर सामने आई है। ताज़ा जारी Henley Passport Index में भारत ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज करते हुए अपनी रैंक 85 से बढ़ाकर 75 कर ली है। यानी अब भारतीय नागरिक पहले की तुलना में अधिक देशों की यात्रा अपेक्षाकृत आसान शर्तों...
नेशनल डेस्क : भारतीय पासपोर्ट को लेकर इस साल अच्छी खबर सामने आई है। ताज़ा जारी Henley Passport Index में भारत ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज करते हुए अपनी रैंक 85 से बढ़ाकर 75 कर ली है। यानी अब भारतीय नागरिक पहले की तुलना में अधिक देशों की यात्रा अपेक्षाकृत आसान शर्तों पर कर सकेंगे। हालांकि यह उपलब्धि उत्साहजनक है, लेकिन भारत अब भी अपने 2006 के सर्वश्रेष्ठ 71वें स्थान से थोड़ा पीछे है। फिर भी 10 पायदान की छलांग को वैश्विक मंच पर सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स कैसे तय करता है रैंकिंग?
यह सूचकांक दुनिया के देशों को इस आधार पर क्रम देता है कि उनके पासपोर्ट धारक कितने देशों में बिना पूर्व वीज़ा के प्रवेश कर सकते हैं। जितने अधिक देशों में वीज़ा-फ्री या वीज़ा-ऑन-अराइवल की सुविधा मिलती है, उतनी ही उस देश के पासपोर्ट की वैश्विक स्वीकार्यता मानी जाती है।
अब 56 देशों में आसान प्रवेश
नई रैंकिंग के साथ भारतीय नागरिकों को 56 देशों में वीज़ा-फ्री या वीज़ा-ऑन-अराइवल की सुविधा उपलब्ध है। इनमें एशिया, अफ्रीका, कैरिबियन और प्रशांत क्षेत्र के कई लोकप्रिय गंतव्य शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर भूटान, नेपाल, फिजी, मॉरीशस, थाईलैंड, इंडोनेशिया, मालदीव और श्रीलंका जैसे देशों की यात्रा अब पहले से अधिक सरल हो गई है। कई अन्य देशों में ई-वीज़ा की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे आवेदन प्रक्रिया तेज और सुविधाजनक बन गई है।
बढ़ती कूटनीतिक ताकत का संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, यह सुधार भारत की वैश्विक उपस्थिति, मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों और बढ़ते आर्थिक प्रभाव को दर्शाता है। हालांकि यूरोप और उत्तरी अमेरिका के कई विकसित देशों के लिए अभी भी अग्रिम वीज़ा आवश्यक है, लेकिन रैंकिंग में सुधार भविष्य के लिए सकारात्मक दिशा दिखाता है।