Edited By Khushi,Updated: 30 Mar, 2026 10:13 AM

National Desk: ऑनलाइन ठगी को रोकने और डिजिटल पेमेंट को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक) बड़े बदलाव करने जा रहा है। नए नियमों से अब ऑनलाइन लेनदेन पहले से ज्यादा सुरक्षित और नियंत्रित होगा।
National Desk: ऑनलाइन ठगी को रोकने और डिजिटल पेमेंट को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए आरबीआई (भारतीय रिजर्व बैंक) बड़े बदलाव करने जा रहा है। नए नियमों से अब ऑनलाइन लेनदेन पहले से ज्यादा सुरक्षित और नियंत्रित होगा।
डिजिटल लेनदेन के लिए नए सुरक्षा नियम जारी
आरबीआई ने डिजिटल लेनदेन के लिए नए सुरक्षा नियम जारी किए हैं। अब ऑनलाइन पेमेंट करते समय दोहरी सुरक्षा (डबल वेरिफिकेशन) में बदलाव किया गया है। पहले जहां पासवर्ड या पिन के साथ सिर्फ ओटीपी का इस्तेमाल होता था, अब दूसरे सत्यापन के लिए ओटीपी के अलावा चार नए विकल्प भी दिए जाएंगे। यानी यूजर अपनी सुविधा के अनुसार इनमें से किसी एक को चुन सकेगा।
अगर किसी ग्राहक के साथ धोखाधड़ी होती है, तो...
नई व्यवस्था के तहत हर लेनदेन के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा जांच की जाएगी। इसमें यूजर की लोकेशन, डिवाइस और खर्च करने के तरीके को भी ध्यान में रखा जाएगा। अगर कोई ट्रांजैक्शन संदिग्ध लगता है या बड़ी रकम का होता है, तो सिस्टम खुद ही अतिरिक्त जांच करेगा। सभी सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही भुगतान मंजूर होगा।
इसके अलावा, आरबीआई एक नई "किल स्विच" सुविधा लाने की तैयारी कर रहा है। इस सुविधा के जरिए यूजर अपने बैंक या यूपीआई खाते को एक क्लिक में तुरंत लॉक कर सकेगा। अगर किसी को अपने खाते में धोखाधड़ी या संदिग्ध गतिविधि का शक होता है, तो वह तुरंत अपना खाता अस्थायी रूप से बंद कर सकता है। अभी कुछ बैंक अपने ऐप में कार्ड ब्लॉक करने की सुविधा देते हैं, लेकिन अब यह सुविधा यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग तक भी बढ़ाई जाएगी। नए नियमों के अनुसार, अगर किसी ग्राहक के साथ धोखाधड़ी होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी बैंक की होगी, जिससे ग्राहकों को ज्यादा सुरक्षा मिलेगी।