Edited By Sahil Kumar,Updated: 08 Aug, 2026 12:07 PM

राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने राज्यसभा में विनियोग विधेयक (नंबर 3) (एप्रोप्रिएशन बिल), 2026' का समर्थन करते हुए कहा कि पंजाब को वर्ष 2026-27 के लिए रिकॉर्ड 5,673 करोड़ रेलवे बजट मिला है, जो यह 2009-14 के दौरान मिले औसत सालाना बजट से लगभग 25 गुना...
नई दिल्ली: राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने राज्यसभा में विनियोग विधेयक (नंबर 3) (एप्रोप्रिएशन बिल), 2026' का समर्थन करते हुए कहा कि पंजाब को वर्ष 2026-27 के लिए रिकॉर्ड 5,673 करोड़ रेलवे बजट मिला है, जो यह 2009-14 के दौरान मिले औसत सालाना बजट से लगभग 25 गुना अधिक है। इसके अलावा पंजाब में 26,000 करोड़ से अधिक की रेलवे प्रोजेक्ट्स पर कार्य चल रहा है और 30 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। यह केंद्र सरकार की पंजाब के विकास के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। गौरतलब है कि बाद में संसद ने 'मनी बिल' के तौर पर इसकी विधायी प्रक्रिया पूरी करते हुए इसे 'ध्वनिमत' से पारित कर दिया।
बिल पर चर्चा में भाग लेते हुए, सांसद सतनाम संधू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का पंजाब के लिए इस ऐतिहासिक रेलवे बजट आवंटन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पंजाब के विकास को गति देने के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।" सांसद सतनाम संधू ने आगे कहा, "रेलवे में निवेश काकेवल पटरियों, पुलों या स्टेशनों का निर्माण नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक शक्ति, गति और भविष्य में निवेश है। आज पंजाब इस अभूतपूर्व स्तर पर बदलाव का साक्षी है। ये आंकड़े केवल विकास की रफ्तार नहीं बताते, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पंजाब के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।"
पंजाब की कृषि अर्थव्यवस्था में रेलवे की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए सांसद संधू ने कहा, "सिर्फ सात महीनों में पंजाब से 2,684 रेलवे रैक के माध्यम से 95 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं और धान देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाया गया है। यह केवल माल परिवहन नहीं, बल्कि किसानों की उपज को समय पर मंडियों से उठाकर पूरे देश की थाली तक पहुंचाने वाली जीवनरेखा है।"
सांसद सतनाम संधू ने कहा, "पंजाब को काशी से जोड़ने वाली संत रविदास एक्सप्रेस और तख्त श्री दमदमा साहिब तक नई रेल कनेक्टिविटी जैसी पहल सिर्फ़ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं हैं, बल्कि पंजाब की आस्था और विरासत के प्रति सम्मान का प्रतीक भी हैं।"
पंजाब के सीमावर्ती राज्य होने के रणनीतिक महत्व पर ज़ोर देते हुए सांसद संधू ने कहा, "राज्य में रेलवे के विकास का एक और महत्वपूर्ण पहलू सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मज़बूत करना है। 764 करोड़ का फ़िरोज़पुर-पट्टी रेल लिंक प्रोजेक्ट आज़ादी के बाद टूट चुकें एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक रेल संपर्क को फिर से बहाल करेगा। यह फ़िरोज़पुर और अमृतसर के बीच रेल की दूरी को लगभग 196 किलोमीटर से घटाकर करीब 100 किलोमीटर कर देगा। सीमावर्ती ज़िलों में इस तरह की कनेक्टिविटी न सिर्फ़ क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ भारत की रक्षा तैयारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी अहम है।"
सांसद ने कहा कि जिस पंजाब ने देश को हरित क्रांति दी, उसे अब लॉजिस्टिक्स, कनेक्टिविटी, औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए विकास की नई यात्रा में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर अहम भूमिका निभाएगा। अपने संबोधन के समापन पर सांसद सतनाम सिंह संधू ने रेलवे का उदाहरण देते हुए कहा कि जब किसी ट्रेन में दूसरा इंजन लगाया जाता है तो उसकी शक्ति, क्षमता और गति कई गुना बढ़ जाती है। "आज पंजाब को भी डबल इंजन सरकार की आवश्यकता है, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पंजाब, राज्य और केंद्र सरकार के इंजनों के साथ विकास के रास्ते पर तेज़ी से आगे बढ़ सके। एप्रोप्रिएशन (नंबर 3) बिल, 2026 का समर्थन करते हुए सांसद संधू ने कहा कि केंद्र और पंजाब की मिली-जुली ताकत राज्य के विकास को तेज़ करेगी और 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने में योगदान देगी।