Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 19 Mar, 2026 09:44 PM

भारत में ईद-उल-फितर 2026 को लेकर जारी इंतजार अब खत्म हो गया है। गुरुवार, 19 मार्च को देश के किसी भी हिस्से में शव्वाल का चांद नजर नहीं आया, जिसके बाद आधिकारिक तौर पर ईद की तारीख घोषित कर दी गई है।
नेशनल डेस्क: भारत में ईद-उल-फितर 2026 को लेकर जारी इंतजार अब खत्म हो गया है। गुरुवार, 19 मार्च को देश के किसी भी हिस्से में शव्वाल का चांद नजर नहीं आया, जिसके बाद आधिकारिक तौर पर ईद की तारीख घोषित कर दी गई है।
लखनऊ ईदगाह के इमाम Maulana Khalid Rasheed Firangi Mahali ने जानकारी देते हुए बताया कि चांद नहीं दिखने के कारण 20 मार्च को रमजान का 30वां रोजा रखा जाएगा और अब पूरे भारत में 21 मार्च 2026 को ईद मनाई जाएगी।
चांद न दिखने के बाद हुआ ऐलान
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, ईद का त्योहार चांद दिखने के आधार पर तय होता है। इस बार 19 मार्च की शाम देशभर में चांद देखने की कोशिश की गई, लेकिन कहीं भी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। इसी के आधार पर यह फैसला लिया गया कि एक और रोजा रखा जाएगा और उसके अगले दिन यानी 21 मार्च को ईद का त्योहार मनाया जाएगा।
दिल्ली के शाही इमाम ने भी की पुष्टि
दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम Mufti Mukarram Ahmed ने भी इस बात की पुष्टि की कि चांद नजर नहीं आया है और अब ईद शनिवार, 21 मार्च को ही मनाई जाएगी।
सऊदी अरब में एक दिन पहले ईद
इस्लामी परंपरा के अनुसार अलग-अलग देशों में चांद दिखने के आधार पर ईद की तारीख बदल सकती है। सऊदी अरब में 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी, जबकि भारत में एक दिन बाद यानी 21 मार्च को यह त्योहार मनाया जाएगा।
क्या है ईद-उल-फितर का महत्व?
ईद-उल-फितर इस्लाम के पवित्र महीने रमजान के समापन का प्रतीक है। इस दिन लोग अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं, नमाज पढ़ते हैं, जकात और फितरा देते हैं और आपसी भाईचारे का संदेश फैलाते हैं। यह त्योहार इस्लामी कैलेंडर के दसवें महीने ‘शव्वाल’ की पहली तारीख को मनाया जाता है और दुनियाभर में इसे बड़े उत्साह और खुशी के साथ मनाया जाता है।