PM मोदी का 11 साल का कार्यकाल: रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आधुनिकीकरण पर जोर

Edited By Updated: 10 Jun, 2025 11:22 AM

emphasis on modernization and self reliance in defense production pm modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा कि उनकी सरकार के पिछले 11 वर्षों के कार्यकाल में भारत के रक्षा क्षेत्र में ज़बरदस्त बदलाव आए हैं। उन्होंने विशेष रूप से रक्षा उत्पादन में आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही।...

नेशनल डेस्क. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा कि उनकी सरकार के पिछले 11 वर्षों के कार्यकाल में भारत के रक्षा क्षेत्र में ज़बरदस्त बदलाव आए हैं। उन्होंने विशेष रूप से रक्षा उत्पादन में आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही। मंगलवार को प्रधानमंत्री पद पर 11 साल पूरे होने के अवसर पर मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से इन उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने इस बात पर खुशी ज़ाहिर की कि कैसे भारत के लोग देश को मजबूत बनाने के लिए एकजुट हुए हैं।

रक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव

प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के नागरिक सहभागिता मंच पर एक 'थ्रेड' भी साझा किया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में हुए बदलावों पर प्रकाश डाला गया। इसमें कहा गया है कि मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में सिर्फ 11 वर्षों में भारत की रक्षा क्षमताओं में क्रांतिकारी परिवर्तन आए हैं। इसके साथ ही भारत ने रणनीतिक वैश्विक साझेदारियों को मज़बूत किया है और अंतरिक्ष अन्वेषण में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं।

आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ता कदम

वीडियो में यह भी बताया गया कि 'आत्मनिर्भर भारत' के उनके संकल्प से प्रेरित होकर देश ने आत्मनिर्भर नवाचार को अपनाया है। इससे व्यापार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत का प्रभाव बढ़ा है। 'इंडियाज राइज इन 11 इयर्स: पावर, पार्टनरशिप एंड प्रोग्रेस' शीर्षक वाली इस पोस्ट में सरकार की विभिन्न पहलों और उनके परिणामस्वरूप हुए परिवर्तनों का विस्तार से उल्लेख किया गया है।

बढ़ता रक्षा निर्यात और स्वदेशीकरण

रक्षा निर्यात में उछाल: पोस्ट के अनुसार, भारत का रक्षा निर्यात जो 2014-15 में केवल 1,940 करोड़ रुपये था, वह 2024-25 में बढ़कर 23,622 करोड़ रुपये हो गया है। यह दर्शाता है कि भारत अब रक्षा उपकरणों का एक महत्वपूर्ण निर्यातक बन रहा है।

आईएनएस विक्रांत का अनावरण: देश ने अपना पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत का भी अनावरण किया है, जो भारत की नौसैनिक क्षमताओं में एक मील का पत्थर है।

मिसाइल शक्ति में वृद्धि: भारत की मिसाइल शक्ति में सटीकता बढ़ी है और उसकी पहुंच भी बढ़ी है। इसका एक उदाहरण ब्रह्मोस के विस्तारित रेंज संस्करण का सफल परीक्षण है, जिसे सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से सफलतापूर्वक दागा गया था।


वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती साख

यह पोस्ट बताती है कि यह एक मजबूत भारत की कहानी है, जो प्रधानमंत्री मोदी के साहसिक दृष्टिकोण और अटूट प्रतिबद्धता से प्रेरित है। आज भारत एक आत्मविश्वासी, निर्णायक और सम्मानित वैश्विक शक्ति के रूप में उभरा है।

इसके अलावा भारत ने अन्य देशों के साथ अपने संबंधों को भी मज़बूत किया है। इसमें ब्रिटेन के साथ "ऐतिहासिक" व्यापार समझौते और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर शामिल हैं।

वैश्विक शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि देश संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक अभियानों में एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है। दुनिया भर में 50 से अधिक शांति अभियानों में भारत के 2.9 लाख से अधिक सैनिक तैनात हैं। महामारी के दौरान भी भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षकों के लिए कोविड-19 टीके की दो लाख खुराक प्रदान की थीं, जो उसकी मानवीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Related Story

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!