Edited By Anu Malhotra,Updated: 06 Aug, 2026 05:21 PM

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को राज्यसभा में जानकारी दी कि 2021 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर होने वाला सलाना खर्च करीब पांच गुना बढ़ गया है। मंत्रालय के अनुसार, विदेश यात्राओं पर खर्च 2021 में लगभग 36 करोड़ रुपये था, जो 2025...
नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को राज्यसभा में जानकारी दी कि 2021 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर होने वाला सलाना खर्च करीब पांच गुना बढ़ गया है। मंत्रालय के अनुसार, विदेश यात्राओं पर खर्च 2021 में लगभग 36 करोड़ रुपये था, जो 2025 में बढ़कर 180 करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने एक लिखित जवाब में बताया कि 2021 से अब तक प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं पर कुल खर्च 550 करोड़ रुपये से अधिक रहा है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में अब तक इन यात्राओं पर 74.58 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुका है। हालांकि, कुछ आंकड़े अभी अस्थायी हैं और जून में हुई फ्रांस यात्रा का अंतिम खर्च अभी निर्धारित किया जाना बाकी है।
मार्गेरिटा ने बताया कि इस साल जिन यात्राओं का खर्च जोड़ा गया है, उनमें मई में प्रधानमंत्री के पांच देशों के दौरे के दौरान नॉर्वे यात्रा पर सबसे ज़्यादा 17.46 करोड़ रुपये खर्च हुए। विदेश मंत्रालय (MEA) के आंकड़ों के अनुसार, पीएम मोदी की विदेश यात्राओं पर खर्च 2021 में 36 करोड़ रुपये से ज़्यादा, 2022 में 55 करोड़ रुपये, 2023 में 93 करोड़ रुपये, 2024 में 109 करोड़ रुपये और 2025 में 180 करोड़ रुपये से ज़्यादा रहा।
इस खर्च का बचाव करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि जुलाई 2021 के बाद से विदेश यात्राओं के दौरान 316 MoU और समझौते किए गए हैं। इनमें रक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, हेल्थकेयर, शिक्षा, कृषि, अंतरिक्ष सहयोग, मोबिलिटी और माइग्रेशन, क्लाइमेट एक्शन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्र शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत को अप्रैल 2021 और दिसंबर 2025 के बीच 381.8 अरब डॉलर का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) मिला।