Edited By Parveen Kumar,Updated: 05 Oct, 2026 12:58 AM

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के नेतृत्व में निकाला गया विरोध मार्च जनता की ओर से नकारे जाने के बाद निर्वाचन आयोग के खिलाफ उनकी निराशा की अभिव्यक्ति था तथा दोनों नेताओं को "गजनी"...
नेशनल डेस्क : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को कहा कि मुंबई में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के नेतृत्व में निकाला गया विरोध मार्च जनता की ओर से नकारे जाने के बाद निर्वाचन आयोग के खिलाफ उनकी निराशा की अभिव्यक्ति था तथा दोनों नेताओं को "गजनी" करार दिया।
फडणवीस ने एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से कहा, "यह मार्च अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश थी। इतनी चर्चा के बावजूद मार्च में लोगों की संख्या कम थी।" इससे पहले दिन में शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने मेट्रो सिनेमा से विरोध मार्च का नेतृत्व किया। मार्च दक्षिण मुंबई में थोड़ी दूरी तय करते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय तक पहुंचा। प्रदर्शन में, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं बालासाहेब थोराट और विजय वडेट्टीवार के साथ-साथ शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के जयंत पाटिल, शशिकांत शिंदे, जितेंद्र आव्हाड और अनिल देशमुख ने भी रैली में हिस्सा लिया। फडणवीस ने कहा, "वे 'गजनी' जैसे हो गए हैं। इसलिए मैं इन 'गजनियों' को याद दिलाना चाहता हूं कि ज्ञानेश कुमार 2025 में मुख्य निर्वाचन आयुक्त बने, जबकि महाराष्ट्र में चुनाव 2024 में हुए थे और एसआईआर 2026 में शुरू हुआ।" गजनी 2008 में आई फिल्म है, जिसमें मुख्य पात्र हर 15 मिनट में अपनी याददाश्त खो देता है।