Edited By Parveen Kumar,Updated: 29 Mar, 2026 12:09 AM

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत तक पहुंच चुका है। एलपीजी (रसोई गैस) की सप्लाई पर दबाव बढ़ने से घरों और छोटे कारोबारों की चिंता भी बढ़ गई है। इसी बीच यह जानना दिलचस्प है कि भारत में एलपीजी की शुरुआत कब और कहां से हुई थी।
नेशनल डेस्क : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत तक पहुंच चुका है। एलपीजी (रसोई गैस) की सप्लाई पर दबाव बढ़ने से घरों और छोटे कारोबारों की चिंता भी बढ़ गई है। इसी बीच यह जानना दिलचस्प है कि भारत में एलपीजी की शुरुआत कब और कहां से हुई थी।
1965 में हुई थी LPG की शुरुआत
- 22 अक्टूबर 1965 को जारी किया गया था।
- यह कनेक्शन इंडेन ब्रांड के तहत दिया गया था।
कोलकाता बना LPG का जन्मस्थान
- भारत का पहला एलपीजी कनेक्शन पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दिया गया था।
- शुरुआती दौर में कोलकाता और पटना के करीब 2000 उपभोक्ता इस सुविधा से जुड़े थे।
सिर्फ 4 रुपये में मिलता था सिलेंडर!
आज जहां गैस सिलेंडर महंगा हो चुका है, वहीं 1965 में इसकी कीमत सिर्फ ₹3.50 से ₹4 के बीच थी। यह दिखाता है कि समय के साथ ईंधन की कीमतों में कितना बड़ा बदलाव आया है।
शुरुआत में लोग डरते थे गैस से
- उस समय कई लोग एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल करने से हिचकते थे
- घर के अंदर गैस रखना उन्हें जोखिम भरा लगता था
आज दुनिया की सबसे बड़ी व्यवस्था में शामिल
- कुछ हजार कनेक्शन से शुरू हुई यह यात्रा आज
- दुनिया की सबसे बड़ी ईंधन वितरण प्रणालियों में शामिल हो चुकी है
सरकार की उज्ज्वला योजना जैसी पहल से 10 करोड़ से ज्यादा घरों तक गैस कनेक्शन पहुंच चुका है।