मराठी भाषा विवाद पर गिरिराज सिंह का बड़ा बयान, बोले- स्थानीय भाषा सीखें, लेकिन सरकार दे पर्याप्त समय

Edited By Updated: 22 Aug, 2026 02:31 PM

giriraj singh makes a major statement on the marathi language controversy

महाराष्ट्र में ऑटो चालकों और दूसरे राज्यों से आए लोगों को लेकर चल रहे मराठी भाषा विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बड़ा बयान दिया है।

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में ऑटो चालकों और दूसरे राज्यों से आए लोगों को लेकर चल रहे मराठी भाषा विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग महाराष्ट्र से बाहर के हैं और रोजगार के लिए राज्य में आते हैं, उन्हें स्थानीय भाषा यानी मराठी सीखनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भाषा सीखने के लिए सरकार को लोगों को पर्याप्त समय और अवसर देना चाहिए।

गिरिराज सिंह ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति महाराष्ट्र में रहकर रोजी-रोटी कमा रहा है तो उसे वहां की भाषा से पूरी तरह अनजान नहीं रहना चाहिए। उनके मुताबिक स्थानीय भाषा सीखना और उसे रोजमर्रा की बातचीत में इस्तेमाल करना जरूरी है।

‘भाषा जरूर सीखें, लेकिन इसके लिए समय देना चाहिए’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह इस बात के पक्ष में नहीं हैं कि महाराष्ट्र में बाहर से आकर काम करने वाला व्यक्ति स्थानीय भाषा बिल्कुल न सीखे। उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं कहता कि अगर मैं महाराष्ट्र में रोजी-रोटी कमाता हूं तो मैं यहां की भाषा न जानूं। भाषा जरूर सीखें, लेकिन इसके लिए समय देना चाहिए।”

गिरिराज सिंह के बयान का मुख्य जोर भाषा सीखने की अनिवार्यता से ज्यादा उसे सीखने के लिए मिलने वाले समय और अवसर पर है। उन्होंने कहा कि लोगों को अचानक भाषा के दबाव में लाने के बजाय उन्हें मराठी सीखने और समझने का मौका दिया जाना चाहिए।

भाषा सीखने की समय सीमा हो तय

गिरिराज सिंह ने सुझाव दिया कि महाराष्ट्र से बाहर के लोगों के लिए एक समय सीमा तय की जा सकती है। इस अवधि में उन्हें मराठी सीखने, समझने और दैनिक जीवन में उसका इस्तेमाल करने का अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय भाषा को बढ़ावा देना अपनी जगह जरूरी है, लेकिन इसके लिए ऐसा माहौल होना चाहिए जिसमें दूसरे राज्यों से आए लोगों को भाषा सीखने का पर्याप्त अवसर मिले। अचानक किसी व्यक्ति पर भाषा थोपने के बजाय चरणबद्ध तरीके से उसे स्थानीय भाषा से जोड़ने की व्यवस्था की जा सकती है।

जनवरी में भी ठाकरे परिवार पर साधा था निशाना

मराठी भाषा और अस्मिता को लेकर गिरिराज सिंह पहले भी बयान दे चुके हैं। इस साल जनवरी में मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों से पहले उन्होंने ठाकरे परिवार और मराठी अस्मिता के मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की राजनीति पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि मराठी बनाम गैर-मराठी का मुद्दा उठाकर हिंदुओं के बीच विभाजन की कोशिश की जा रही है। उस समय भी महाराष्ट्र में भाषा, स्थानीय पहचान और दूसरे राज्यों से आए लोगों को लेकर राजनीतिक बहस तेज थी।

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