Girlfriend ने मुलाकात के बहाने बुलाया, चाकू से फाड़ा पेट, फिर उसके प्राइवेट पार्ट को काटकर पौधे से...

Edited By Updated: 25 Jan, 2026 09:04 AM

girlfriend and her family get life imprisonment in rohtas bihar

करीब सात साल पहले बिहार को दहला देने वाले मन्नु कुमार हत्याकांड में कोर्ट ने एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। प्रेम प्रसंग के चलते युवक की नृशंस हत्या करने के मामले में जिला अदालत ने मृतक की प्रेमिका सहित उसके परिवार के चार सदस्यों को उम्रकैद (Life...

नेशनल डेस्क। करीब सात साल पहले बिहार को दहला देने वाले मन्नु कुमार हत्याकांड में कोर्ट ने एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। प्रेम प्रसंग के चलते युवक की नृशंस हत्या करने के मामले में जिला अदालत ने मृतक की प्रेमिका सहित उसके परिवार के चार सदस्यों को उम्रकैद (Life Imprisonment) की सजा सुनाई है। इस वारदात की क्रूरता ने उस समय पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। आइए जानते हैं इस केस की पूरी कहानी:

क्या था पूरा मामला?

यह घटना मार्च 2019 की है। अगरेर थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव में रहने वाले मन्नु कुमार का गांव की ही सुमन देवी के साथ प्रेम प्रसंग था। सुमन की शादी हो चुकी थी लेकिन वह मन्नु के संपर्क में थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार सुमन और उसके परिवार ने मन्नु को रास्ते से हटाने के लिए एक खौफनाक साजिश रची।

साजिश और अमानवीय कृत्य

4 मार्च 2019 को सुमन अपने पति के साथ प्रयागराज से अपने मायके भगवानपुर आई। सुमन ने फोन करके मन्नु को मिलने के बहाने बुलाया। मन्नु बिना किसी को बताए घर से निकला लेकिन वापस नहीं लौटा। अगली सुबह सरसों के खेत में मन्नु का क्षत-विक्षत शव मिला। दोषियों ने न केवल मन्नु की जान ली बल्कि उसके शव के साथ अमानवीयता की। चाकू से उसका पेट फाड़ दिया गया था और उसके गुप्तांग को काटकर सरसों के पौधे पर लटका दिया गया था।

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अदालत का फैसला: एक ही परिवार के 4 दोषी

जिला जज-4 अनिल कुमार की अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर एक ही परिवार के चार लोगों को इस जघन्य अपराध का दोषी पाया:

  1. सुमन देवी (मृतक की प्रेमिका)

  2. प्रकाश चौधरी उर्फ प्रभाकर (सुमन का पति)

  3. दूधेश्वर चौधरी (सुमन का पिता)

  4. फूलचंद चौधरी (सुमन का भाई)

अदालत ने इन चारों को उम्रकैद की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

समाज के लिए एक कड़ा संदेश

अपर लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि यह मामला अवैध संबंधों और प्रतिशोध (Revenge) का एक वीभत्स उदाहरण था। कोर्ट के इस फैसले ने समाज में यह संदेश दिया है कि कानून की नजर से कोई अपराधी नहीं बच सकता चाहे जुर्म कितना भी योजनाबद्ध क्यों न हो।

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